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सरदार अनवर के गजल संग्रह ‘जो अपना हाल है’ का विमोचन

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जीपीओ रोड स्थित एक सभागार में प्रसिद्ध रंगकर्मी और शायर सरदार अनवर की किताब जो अपना हाल है का विम? - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। वरिष्ठ रंगकर्मी एवं शायर स्वर्गीय सरदार अनवर की शायरी और गजलों के संग्रह ‘जो अपना हाल है’ का मंगलवार को जीपीओ रोड स्थित होटल सभागार में विमोचन किया गया। सरदार अनवर की इस किताब का संकलन उनकी सुपुत्री शिब्ली अनवर और बॉलीवुड अभिनेता उनके दामाद इनामुल हक ने किया है।
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सरदार अनवर की किताब का विमोचन सांसद हाजी फजलुर्रहमान, प्रसिद्ध शायर डॉ. नवाज देवबंदी, कवि एवं लेखक सुरेंद्र सिंघल, कवि कमलेश भट्ट कमल व पूर्व विधायक संजय गर्ग ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार अनवर के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने सरदार अनवर का स्मरण करते हुए कहा कि वह सहारनपुर की एक अजीब शख्सियत थे। मजदूर से लेकर मजलूम तक उनकी सोच जाती थी। शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने उनके लिखे शेर- तेरे ख्वाबों में खोना चाहता हूं, बहुत जगा हूं सोना चाहता हूं, से उनको श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अब हम उनके ख्वाबों में खो गए हैं। कवि कमलेश भट्ट कमल ने कहा कि वह उनसे पिछले 50 सालों से जुड़े हुए थे। उनकी लेखनी में एक सच्चाई थी जो सीधे दिल तक पहुंचती थी। इनामुल हक ने कहा कि सिर्फ दूसरों के लिए सोचना और खुद से बेफिक्र रहना ही उनके जीवन का फलसफा था। इस मौके पर सुरेंद्र सिंघल, संजय गर्ग, बीके डोभाल, जावेद खान सरोहा, अरशद अनवर और खालिद कुरैशी ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में काशिफ नून सिद्दीकी, राजीव उपाध्याय, डॉ वीरेंद्र आजम, मनीष कच्छल, रंजीत सिंह, निमिष भटनागर, मोहम्मद यूनुस, खालिद हसन आदि मौजूद रहे।
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