सहारनपुर। निगम ने बुधवार से शहर में सैनिटाइजेशन अभियान जारी रखते हुए शमशानों और कब्रिस्तानों को सैनिटाइज किया। साथ ही मंडी समिति और प्रमुख बाजारों में भी सैनिटाइजेशन अभियान चलाया गया। इसके अलावा रोस्टर के अनुसार शहर के 14 वार्डों और सभी कंटेनमेंट जोन व सरकारी कार्यालयों को भी सैनिटाइज किया गया।
महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर बुधवार को निगम कर्मचारियों द्वारा महानगर के सभी वार्डों में विशेष सफाई के बाद कूड़ा उठान करने के अलावा चूना व मेलाथियान का छिड़काव किया। पीपीई किट से लैस निगम के कर्मचारियों ने प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल नेगी की देखरेख में बुधवार को गोटेशाह, कुतुबशेर, दबनीवालाव वार्ड चार के कब्रिस्तान को सैनिटाइज किया। मुख्य सफाई निरीक्षक अमित तोमर ने बताया कि बुधवार को सफाई, चूनाव मेलाथियान छिड़काव को भी तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोस्टर के अनुसार महानगर के वार्ड नौ ग्वालिरा, वार्ड16 नवीन नगर, वार्ड एक मौज्जमपुरा, वार्ड पांच सड़क दूधली, वार्ड 51 रानी बाजार, वार्ड 58 दीनानाथ बाजार, वार्ड 19 गोपालनगर, वार्ड21 हिम्मतनगर, वार्ड 26 मानकमऊ, वार्ड 31 मानकमऊ दक्षिण, वार्ड 41 शारदा नगर दक्षिण, वार्ड 42 नुमाइश कैंप, वार्ड 32 खानआलमपुरा, वार्ड 45 छिपियान के अलावा मंडी समिति व शहर के प्रमुख बाजारों को भी सैनिटाइज किया गया। जबकि वार्ड 50 हकीकत नगर, वार्ड 51 रानी बाजार, वार्ड 52 किला नवाबगंज, वार्ड 53 प्रताप नगर जैन बाग, वार्ड 54 नूर बस्ती, वार्ड 55 चंद्र नगर, वार्ड 56 खात्ताखेड़ी हयात कॉलोनी, वार्ड 57 सराय मरदान अली व वार्ड 58 दीनानाथ में फॉगिंग अभियान चलाया गया।
चार मौतों के बाद ग्रामीणों ने खुद किया गांव को सैनिटाइज
छुटमलपुर। ग्राम औरंगाबाद में कोरोना संक्रमण से एक और निवर्तमान प्रधान सहित तीन लोगों की अन्य बीमारियों से मौत के बाद ग्रामीणों ने खुद ही चंदा इकट्ठा कर गांव को सैनिटाइजेशन किया। ग्रामीणों की इस पहल की सभी प्रशंसा कर रहे हैं। गांव में पिछले एक सप्ताह में चार मौतें हो चुकी हैं। इनमें पूर्व प्रधान संजय कांबोज और उनके चचेरे भाई भी शामिल हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने तय किया कि गांव को अपने खर्च पर सैनिटाइज किया जाए। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष डॉ. राजबीर कांबोज ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा चंदा इकट्ठा कर अपने संसाधनों से दो बार अब तक गांव को सैनिटाइज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एक बार का खर्च छह से सात हजार रुपये आता है। इसमें मोनू, विनय, रकम, सोनु कांबोज, सोविंद्र कांबोज और अरविंद कांबोज आदि का सहयोग रहा। संवाद