भांजे के अंतिम संस्कार में गए गांव चिराऊ निवासी सोनू चौहान (40) की रुड़की में बहनोई के भाई ने हत्या कर दी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव गांव पहुंचा। यहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
बड़गांव निवासी सोनू चौहान के रुड़की निवासी भांजे कुणाल की आग से झुलसने पर मौत हो गई थी। वह बृहस्पतिवार को उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने रुड़की गया था। वहां श्मशान घाट में सोनू की उसके बहनोई रजनीश के भाई नमन उर्फ विक्की से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विक्की ने सोनू पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सोनू की उपचार के दौरान मौत हो गई।
जैसे ही सोनू की हत्या की खबर गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण रुड़की के लिए रवाना हो गए। परिजनों ने बताया कि सोनू की बहन सुधा अपने पति और बेटे से अलग रहती थी। सोनू इसके लिए बहनोई के भाई नमन को जिम्मेदार मानता था। कई बार उसने नमन को समझाने का प्रयास किया कि वह सुधा के परिवार के बीच दखल अंदाजी ना करें।
इसी बात को लेकर उसकी पहले भी कहासुनी होती रहती थी, लेकिन किसी को जरा भी अहसास नहीं था कि नमन इस बात को लेकर उससे इतना खफा हो गया था कि उसकी जान ही ले लेगा। सोनू खेती करने के साथ ही शटरिंग का काम करता था। परिवार में सोनू की पत्नी ममता, शादीशुदा बेटा अजय, बेटी तन्नू और एक अविवाहित बेटा आशीष है।