इसके बाद परिवार वाले सर्किट हाउस में आए अधिकारियों से मिले और अधिकारियों के आदेश पर 19 तारीख में सदर बाजार थाना पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज की। रविवार को परिजनों को पता चला कि रामपुर मनिहारान क्षेत्र में 16 सितंबर में ही एक शव मिला था। जिसके बाद परिजन रामपुर थाने में पहुंचे जहां फोटो देखकर कपड़ों से युवक की पहचान की।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शव मिलने के बाद उसकी पहचान कराने की कोशिश नहीं की और अंतिम संस्कार कर दिया। सदर बाजार पुलिस पर आरोप है कि यदि पुलिस जल्द ही गुमशुदगी दर्ज कर लेती तो शायद उनके हत्या होने से बच सकती थी। इसी से नाराज हरिनगर के ग्रामीणों ने रविवार की देर रात सर्किट हाउस रोड पर जाम लगा दिया।
मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंची। एसपी सिटी राजेश कुमार ने मोहल्ले के लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही इस हत्या का राजफ़ास किया जाएगा। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने जो फोटो उन्हें दिखाए हैं उससे साफ है कि युवक को गोली मारी गई है और उसकी पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर तेजाब भी फेंका गया है।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि विनय की हत्या हुई है या क्या मामला है इसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा।