इस मामले में परिवार के सदस्य मुकर्रम अली ने गांव के ही सरफराज, सरताज, सत्तार पुत्र इकराम, उस्मान, लुकमान, शानू पुत्र इस्लाम, सय्यद पुत्र इमरान, गय्यूर व मशरूर पुत्र इरफान और इनके चाचा सलीम सेत 12 के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। इनमें एक आरोपी नाबालिग था, जबकि एक अन्य आरोपी इकराम की मृत्यु हो गई थी।
मामले में परिजनों और पुलिस ने सशक्त पैरवी की। बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक ललित नारायण झा ने 10 दोषियों को गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।