घटना के बाद गांव में दहशत, ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम की मौत से पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल अभियान चलाकर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग की है।
जिले में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
सहारनपुर जिले में आवारा कुत्तों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 27 अप्रैल को मुजफ्फराबाद क्षेत्र के चाऊपुर गांव में आठ वर्षीय लविश पर भी आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था। उस घटना में भी बच्चे की जान चली गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या बनी चुनौती
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते हैं, जिससे लोगों में हर समय भय बना रहता है। खासकर छोटे बच्चों के अकेले बाहर निकलने पर परिजन चिंतित रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की धरपकड़ और स्थायी समाधान के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।