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Saharanpur: आवारा कुत्तों का हमला, आठ वर्षीय मासूम की मौत से गांव में दहशत, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

Wed, 01 Jul 2026 01:01 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

सहारनपुर के गागलहेड़ी क्षेत्र के हरोड़ा गांव में आवारा कुत्तों के हमले में आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और आवारा कुत्तों की समस्या से स्थायी समाधान की मांग उठी है।
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बालक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के हरोड़ा गांव में बुधवार सुबह आवारा कुत्तों के हमले में आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घर से नाश्ते का सामान लेने निकला मासूम रास्ते में कुत्तों के झुंड का शिकार बन गया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो चुका था। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

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मृतक की पहचान गांव निवासी जुनैद ख्वाजा के आठ वर्षीय पुत्र अबूजर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह सुबह घर से कुछ दूरी पर नाश्ते का सामान लेने गया था। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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घटना के बाद गांव में दहशत, ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम की मौत से पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल अभियान चलाकर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग की है।

जिले में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
सहारनपुर जिले में आवारा कुत्तों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 27 अप्रैल को मुजफ्फराबाद क्षेत्र के चाऊपुर गांव में आठ वर्षीय लविश पर भी आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था। उस घटना में भी बच्चे की जान चली गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या बनी चुनौती
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते हैं, जिससे लोगों में हर समय भय बना रहता है। खासकर छोटे बच्चों के अकेले बाहर निकलने पर परिजन चिंतित रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की धरपकड़ और स्थायी समाधान के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
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