भाजपा का झंडा लगी कार, जिसमें स्टेनो आया।
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दो दिन पहले एंटी करप्शन टीम ने डीआईओएस कार्यालय के स्टेनो (आशु लिपिक) को पांच हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। आरोप है कि शनिवार को भाजपा का झंडा लगी कार से आरोपी को जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के लिए लाया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोपी बिना हथकड़ी के दिखाई दे रहा है।
नकुड़ के गांव तिरपड़ी निवासी ईश्वर चंद ने एंटी करप्शन थाने में डीआईओएस कार्यालय के स्टेनो अजय कुमार की शिकायत की थी कि यू-डायस पोर्टल पर एडमिशन इंपॉर्ट कराने की एवज में रिश्वत मांग रहा है। इसके बाद टीम ने स्टेनो को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था।
25 जुलाई को टीम ने डीआईओएस कार्यालय से स्टेनो अजय कुमार को पांच हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। उसी दिन उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया था और थाने को सौंप दिया था। रातभर थाने में रखा। इसके बाद शनिवार को काली रंग की कार में बैठाकर जिला अस्पताल ले जाया गया।
कार भाजपा पदाधिकारी की थी, जिस पर भाजपा का स्टिकर भी लगा है। इस दौरान न तो आरोपी को हथकड़ी लगाई गई थी और पुलिस ने कोई सख्ती दिखाई दी। आरोपी लोवर-टी शर्ट में था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कार में बैठाते समय कुछ पुलिसकर्मी दिखाई भी दिखाई दे रहे। कुछ लोग सादे कपड़ों में हैं।
पहले भी लाइन हाजिर हो चुका है पुलिस स्टाफ
हाल ही में एसएसपी आशीष तिवारी ने आरोपियों को प्राइवेट गाड़ी में कोर्ट ले जाने पर मुजफ्फराबाद चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया था। इसके बाद भी पुलिसकर्मी नहीं सुधरे। अब एक बार फिर नियमों को ताक पर रखकर आरोपी को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया है।