सहारनपुर जनपद में श्रावण मास के द्वितीय सोमवार को राधा विहार स्थित औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव का 1008 दीपक से मनमोहक श्रृंगार किया गया। इस मौके पर स्वामी कालेन्द्रानंद महाराज ने कहा शिव ज्योतिर्मय रूप में समस्त ब्रह्मांड को प्रकाशित करते हैं। वहीं, अन्य शिवालयों में भी भीड़ रही और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में सोमवार को सर्व प्रथम औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव गंगा जल, दूध, दही, शहद, शक्कर, गुलाब जल से महा स्नान किया। इसके साथ ही रूद्री एवं शिव महिमन स्त्रोत के पाठ से महादेव का रूद्राभिषेक किया। तत्पश्चात औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव का भस्म, चंदन, अबीर गुलाल और 1008 दीपों से भव्य श्रृंगार कर भोग अर्पित किया गया। तत्पश्चात महादेव की आरती उतारी गई।
इस मौके पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा शिव ज्योतिर्मय आधार हैं, जो जगत को चेतन और ऊर्जा एवं प्रकाश प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्री हरि विष्णू ने भी दीपों से भगवान भोलेनाथ का महा श्रृंगार कर आरती उतारी थी, जिस कारण प्रभु विष्णू को भगवान भोलेनाथ की अनन्य कृपा प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि समस्त सृष्टि शिव के ही अधीन है। शिव ही उसमें प्राण रूप में वास करते हैं। प्रत्येक जीव को शिव की शरणागति होकर मन, कर्म, वचन से शिव की अराधना करनी चाहिए, जिससे जीवन में शिव की कृपा बनी रहे।
इस दौरान अरूण स्वामी, महेर चंद जैन, राजेंद्र धीमान, अश्वनी कंबोज, रमेश शर्मा, नरेश चंदेल, सागर गुप्ता, मनीष त्यागी, उमा, राजबाला, सरिता, ममता, रेखा, कुसुम, कविता, बबीता मौजूद रहे।
औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव
- फोटो : Amar Ujala
गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
श्रावण के मास के द्वितीय सोमवार को सिद्धपीठ श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री पाठेश्वर महादेव मंदिर, श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, श्री बागेश्वर महादेव, श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, श्री हरि मंदिर, तहसील शिव मंदिर, श्री नारायणपुरी, बाली धाम सहित अनेक मंदिरों सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। इसके साथ कई मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर का रूद्राभिषेक भी किया। हर-हर महादेव के जयकारों वातावरण भक्तिमय बना रहा।