लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शायान मसूद को सपा में शामिल कराया। सपा विधायक उमर अली और पूर्व विधायक माविया अली भी उनके साथ रहे। जिले की राजनीति के लिहाज से इसे कांग्रेस और इमरान मसूद के लिए झटका माना जा रहा है।
विधानसभा चुनाव से पहले सहारनपुर की सियासत में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। पश्चिमी यूपी के चर्चित राजनीतिक घरानों में से एक दिवंगत काजी रशीद मसूद के पौत्र व कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद ने लखनऊ में सपा का दामन थाम लिया है। शायान मसूद के सपा में जाने को कांग्रेस के लिए झटका और सपा के लिए पश्चिमी यूपी में राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। शायान पहले सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। 2019 से कांग्रेस में थे।
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बुधवार को शायान मसूद लखनऊ में सपा मुख्यालय पहुंचे। वहां पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शायान मसूद और उनके समर्थकों को पार्टी में शामिल कराया। शायान मसूद की सपा में एंट्री ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस और सपा के बीच विधानसभा चुनाव की सीटों को लेकर लगातार खींचतान की चर्चाएं सामने आ रही है। खास बात यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में शायान ने अपने ससुर इमरान मसूद के पक्ष में सक्रियता से चुनाव प्रचार किया था। जनसंपर्क से लेकर चुनावी कार्यक्रमों तक वह इमरान के साथ नजर आए थे। अब उसी परिवार से जुड़े शायान का सपा में जाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
शायान पूर्व केंद्रीय मंत्री और पश्चिमी यूपी के कद्दावर नेता रहे काजी रशीद मसूद के पौत्र हैं। ऐसे में उनका सपा में जाना महज दल बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि सहारनपुर की सियासत में भी समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं। काजी रशीद मसूद का सपा से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। उनके बेटे शादान मसूद सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। पौत्र शायान सपा सरकार के दौरान दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रह चुके हैं। इस मौके पर सपा विधायक उमर अली और पूर्व विधायक माविया अली आदि उनके साथ रहे।
इमरान मसूद के बयान से हो गई थी चर्चाएं शुरू
शायान मसूद के इस कदम को सांसद इमरान मसूद के उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कुछ माह पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनके परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। इस घोषणा के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा था कि परिवार के सक्रिय राजनीतिक चेहरों की आगे की भूमिका क्या होगी। तभी से शायान मसूद को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थी, क्योंकि शायान मसूद विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। सपा में एंट्री के बाद उन्हें टिकट मिलता है या नहीं, यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा, लेकिन इसकी चर्चाएं जोरों पर हैं।
काजी रशीद मसूद परिवार का राजनीति में अलग रुतबा
राजनीति में काजी रशीद मसूद की अपनी अलग पहचान थी। वह कई बार सांसद रहे और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भी बने। अगस्त 2007 के चुनाव में संयुक्त राष्ट्र प्रगतिशील गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भी थे, जहां उन्हें 75 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे थे। काजी रशीद मसूद के परिवार में उनका बेटा शादान मसूद, पौत्र शायान मसूद हैं। इमरान मसूद उनके भाई राशिद मसूद के बेटे हैं।