शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और मौके पर ही दोनों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
आरोप है कि जेई रविंद्र श्रीवास्तव ने मकान का नक्शा पास कराने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की थी। हालांकि, बाद में यह सौदा 90 हजार रुपये में तय हुआ। शनिवार को मैट वैभव सिंह और अवर अभियंता ने पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लिए, तभी एंटी करप्शन टीम ने उन्हें दबोच लिया।
गौरतलब है कि सहारनपुर जिले में इससे पहले भी एंटी करप्शन टीम कई सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ चुकी है। इस कार्रवाई से विकास प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है।