कलक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना की जिला संचालन समिति की बैठक हुई
सहारनपुर। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा जघन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं/बालिकाओं को चिकित्सा सुविधा के साथ ही क्षतिपूर्ति प्रदान कर आर्थिक सहायता भी दिलाई जाए। महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को चिह्नित कर दंड़ित करें और महिला एवं बालिकाओं का जागरूक करने के लिए नियमित कार्यशालाओं का आयोजन करें।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के तहत गठित जिला संचालन समिति की बैठक हुई। इसमें डीएम ने दहेज हत्या, पोक्सो एक्ट एवं बलात्कार के 51 प्रकरणों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण मिशन के तहत जघन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं/बालिकाओं को आर्थिक सहायता एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से योजना ऑनलाइन प्रारंभ की। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जघन्य अपराध की शिकार सभी पीड़ितों को क्षतिपूर्ति के रूप में धनराशि दी जाती है। इसके लिए पीड़ित की आय सीमा / आर्थिक स्थिति का कोई मानक निर्धारित नहीं है। इसके तहत क्षतिपूर्ति की धनराशि प्राप्त करने के लिए पीड़ित को कोई आवेदन नहीं करना पड़ता। बल्कि संबंधित थाने पर एफआईआर दर्ज होने या किसी चिकित्सालय में मेडिको लीगल परीक्षण कराने के बाद पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के संबंधित नोडल अधिकारी ही पीड़ित की डिटेल ऑनलाइन पोर्टल पर फीड़ करते हैं। इसमें एसएसपी डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी यातायात प्रेमचंद, मुख्य कोषाधिकारी सत्येंद्र सागर, एसीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश सैनी, उप निरीक्षक महिला थाना मंजू रानी, जिला प्रोबेशन अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह आदि रहे।