दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड के सेफ्टी ऑडिट का कार्य परियोजना कार्यालय द्वारा पूरा कर लिया गया है। इस पर कारों के लिए अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। वाहनों की रफ्तार पर नजर रखने के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत 16 कैमरे लगाए गए हैं, जो अधिक गति पर ऑनलाइन चालान काटेंगे।
एक्सप्रेसवे के सहारनपुर के गणेशपुर स्थित देहरादून के आसारोड़ी तक 12 किमी लंबे एशिया के इस सबसे बड़े वन्य जीव कॉरिडोर पर पिछले दो माह से वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इस पर सड़क सुरक्षा के लिए सभी इंतजाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किए गए हैं। हाल ही में सुरक्षा इंतजाम के परीक्षण के लिए एनएचएआई की तकनीकी टीम ने दौरा किया। टीम द्वारा क्लीन चिट दिए जान के बाद अब यह परियोजना लोकार्पण के लिए अधिकृत रूप से तैयार हो गई है। कार के लिए अधिकतम स्पीड 100 किमी रखी है। अब केवल प्रधानमंत्री कार्यालय से हरी झंडी का इंतजार है।
एलिवेटेड रोड के प्रत्येक किमी पर मोबाइल टावर लगाए गए हैं। पूरे मार्ग पर 12 टावर स्थापित किए गए हैं। पहले शिवालिक पहाड़ियों के बीच से जाने वाले पुराने सड़क मार्ग पर किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं मिलता था। हादसा या अन्य कोई अप्रिय स्थिति पैदा होने पर यात्रियों को काफी परेशानी होती थी। एलिवेटेड रोड पर नेटवर्क की कोई समस्या नहीं होगी। इसके साथ ही एलिवेटेड रोड पर ले बाय भी बनाई गई है। यह सड़क पर दोनों तरफ अतिरिक्त स्थान छोड़ा गया है। ताकि दुर्घटनाग्रस्त या खराब वाहन को यहां लाकर खड़ा किया जा सके। वाहन खराब होने की दशा में पेट्रोलिंग वाहन और क्रेन का भी इंतजाम किया गया है।
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एलिवेटेड रोड की विशेषता
- विशेष लेंस वाली लाइटें जिनका प्रकाश केवल सड़क पर दिखाई देता है।
- साउंड बैरियर लगाए गए हैं ताकि वाहनों के शोर की आवाज जानवरों को परेशान ना करे।
- हाथियों के परंपरागत मार्ग पर उनके आवागमन के लिए अंडरपास बनाए हैं।
- डाट मंदिर जाने के लिए वायाडक्ट बनाया गया है।
- वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वीआइडीएस) जो दुर्घटना की सूचना स्वत: ही कंट्रोल रूम को भेजेगा।
इनका कहना...
एनएचएआई ने एलिवेटेड रोड का सेफ्टी ऑडिट पूरा कर लिया है। अब केवल इसके औपचारिक उद्घाटन के लिए निर्देशों का इंतजार है।
- सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई