‘यूजीसी रोलबैक’ के नारे लगाते हुए निकले युवक
पैदल यात्रा निकाल रहे युवाओं ने ‘यूजीसी रोलबैक’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। पुलिस-प्रशासन ने उन्हें गंगनहर पुल के पास रोक दिया और आगे जाने से मना किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हल्की कहासुनी और नोकझोंक हुई।
ज्ञापन देने पर दो गुटों में बंटा समाज
इधर, ठाकुर द्वारा मंदिर में मौजूद भारतीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर अजब सिंह ने कुछ ग्रामीणों के साथ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम योगेश कुमार गौड़ को सौंप दिया। ज्ञापन में यूजीसी कानून वापस लेने के साथ एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण की समीक्षा की मांग की गई।
हालांकि बिना विचार-विमर्श के ज्ञापन दिए जाने को लेकर समाज के युवाओं में नाराजगी फैल गई। पैदल यात्रा निकालने वाले युवाओं का कहना था कि समाज के कुछ लोगों को ज्ञापन देना था तो उन्हें पहले सभी से बातचीत करनी चाहिए थी।
कहासुनी के बाद घर लौटे युवा
ज्ञापन को लेकर समाज के लोगों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। इसके बाद भीड़ दो गुटों में बंट गई और काफी देर तक कहासुनी होती रही। बाद में पैदल यात्रा निकालने वाले युवा अपने-अपने घर लौट गए। भीड़ के वापस लौटने के बाद मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।