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Saharanpur: ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सात गिरफ्तार, ऐसे बनाते थे शिकार

Sat, 18 Jan 2025 06:29 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में साइबर क्राइम टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर जनपद के थाना कुतुबशेर और साइबर क्राइम की टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। शुक्रवार रात मानकमऊ से नकुड़ जाने वाले मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान सात ठगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम और पासबुक समेत आदि दस्तावेज बरामद किए हैं। यह ठग लोगों को लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में उन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी से प्राप्त धनराशि को अपने पास ट्रांसफर करते थे।

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शनिवार को पुलिस लाइन में एएसपी विवेक तिवारी व सीओ प्रथम अशोक सिसोदिया ने बताया कि 16 जनवरी को नवीन कुमार निवासी मोहल्ला नयाबांस ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि अज्ञात लोगों ने पंजाब एंड सिंध बैंक की सहारनपुर शाखा में उनके नाम से खाता खुलवाया। इसके बाद धोखाधड़ी कर लोगों से ठगी की धनराशि उनके खाते में मंगवाई।

शुक्रवार को थाना कुतुबशेर व साइबर क्राइम टीम मानकमऊ में चेकिंग कर रही थी। इस दौरान नकुड़ जाने वाले मार्ग पर पशु पैठ से कुछ लोग बैठे दिखाई दिए। पुलिस के नजदीक आने पर लोगों ने भागने का प्रयास किया। घेराबंदी कर सातों को गिरफ्तार कर लिया।
 

ये हैं आरोपी, लैपटाॅप समेत कई एटीएम कार्ड व पैन कार्ड बरामद
पूछताछ में अपने नाम अरुण तिवारी निवासी मिशन कंपाउंड, कपिल चौधरी निवासी जनकनगर, वरदान सागर निवासी राघव पुरम कॉलोनी, शंशाक गर्ग निवासी वैशाली विहार, आशीष व विवेक कुमार निवासी नयाबांस गांव और गौरव निवासी रणखंडी बताया। उनका अपराधिक रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि यह साइबर ठग निकले। जिनके पास से दो लैपटॉप, 18 मोबाइल, 13 एटीएम कार्ड, 19 सिम कार्ड, आठ हजार रुपये, एक पैन कार्ड, तीन पासबुक, चार चेकबुक, तीन चेक, एक कार्ड बरामद हुआ।
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ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह नए लोगों से संपर्क कर बैंकों में उनके खाते खुलवाते थे। इसके बाद पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड लेकर उनके खातों में ऑनलाइन फ्रॉड कर रुपये मंगवाते है। इसके लिए उन्हें कुछ रुपये देते है। ऑनलाइन ठगी से उनके हिस्से में आठ हजार रुपये ही आए। उन्होंने पूछताछ में यह भी बताया कि नितिन, राहुल, मानसिंह, हुकुमचंद निवासी मानकमऊ नयाबांस और सन्नी निवासी राजपुरा के खातों में भी ऑनलाइन ठगी कर रुपये मंगवाए है।

गिरोह का मास्टरमाइंड है अरुण तिवारी उर्फ शिवा
सीओ अशोक सिसोदिया ने बताया कि 10 लाख रुपये खातों में फ्रिज कराए गए। मास्टरमाइंड अरुण तिवारी उर्फ शिवा है, जो गिरोह के सदस्यों से काम कराता था। इनका काम खाता खुलवाकर ऑनलाइन ठगी करना था।
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