बुजुर्ग व्यक्ति ने कहा कि साहब, मेरी पत्नी फुल्ली (58) की बीमारी से मौत हो गई है, जिसका शव घर पर रखा हुआ है। एक बेटा था जो घर छोड़कर जा चुका है। अब मेरे पास इतने भी रुपये नहीं है कि उसका अंतिम संस्कार कर सकूं।
इस पर जिलाधिकारी ने मानवता का परिचय देते हुए तुरंत उसे दो हजार रुपये दिए। साथ ही कहा तहसीलदार अमित कुमार को निर्देश दिए कि लेखपाल को साथ भेजकर अंतिम संस्कार के लिए सामान दिलाओ। इसके अलावा किसी के माध्यम से तेहरवीं के दिन 10 हजार रुपये भी दिए जाएं।