- बसपा के नेशनल को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के दो दिन बाद ही निष्कासित
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बसपा से निष्कासित नेशनल को-ऑर्डिनेटर एवं सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल का कहना है कि बहनजी जो भी निर्णय लेती हैं वह पार्टी हित में होता है। बहनजी का आदेश ही उनके जीवन का मिशन है और वह उनके हर आदेश का सम्मान करते हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा उन्हें पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद मीडिया द्वारा पूछे जाने के बाद उनकी यह प्रतिक्रिया आई। इतना ही नहीं उन्होंने मायावती को दूरदृष्टा नेता भी बताया।
रणधीर सिंह बेनीवाल यहां जेजेपुरम में रहते हैं। वह लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। वह वर्षों तक पंजाब और हरियाणा सहित अन्य राज्यों की कमान संभाले रहे। करीब दो वर्ष पहले पार्टी ने उनको प्रमोट करते हुए नेशनल को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी थी। तब से वह लगातार पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकों में शामिल होते रहे। अपने फेसबुक अकाउंट पर वह अक्सर मायावती और आकाश आनंद के साथ फोटो साझा करते थे। दो दिन पहले ही उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्हें दोबारा पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर की जिम्मेदारी भी देने की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने पोस्ट में मायावती का आभार व्यक्त किया था, लेकिन अचानक मायावती ने एक्स के जरिए रणधीर सिंह बेनीवाल सहित आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ आदि को अनुशासनहीनता के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया है। मायावती ने बेनीवाल के लिए भी अनुशासनहीनता और पार्टी हित में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने की बात कही है। बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित किए जाने की सूचना से पार्टी में मंडल और जिला स्तर पर हलचल है। एक ओर जहां उनके समर्थकों में मायूसी है। वहीं उनके राजनीतिक विरोधी इसे अच्छा कदम मान रहे हैं।
मायावती के डर से नहीं कर रहे संपर्क
पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद बेनीवाल अलग-थलग पड़ गए हैं। मायावती के गुस्से को सभी जानते हैं। यही वजह है कि पार्टी के ज्यादातर मौजूदा मंडल और जिला पदाधिकारी बेनीवाल से संपर्क तक करने से कतरा रहे हैं।
नेशनल को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल राष्ट्रीय नेता हैं। उनके निष्कासन संबंधी सूचना जिला स्तर पर आने का मतलब नहीं बैठता। हमें भी मायावती के ट्वीट से निष्कासन की जानकारी मिली है।
रजनीश बंधु, जिलाध्यक्ष, बसपा