सहारनपुर जनपद में गागलहेड़ी के गांव सोना में सौरभ की हादसे में मौत की खबर जैसे ही परिजनों को मिली तो वहां कोहराम मच गया। मां और बहन पछाड़ खा कर गिर पड़ी। पिता भी बेसुध से हो गए। गांव में जिसने भी सुना वह सौरभ के घर की तरफ दौड़ पड़ा। जिस बेटे की शादी कर दुल्हन लाने की मां-बाप सोच रहे थे उसकी लाश देख हर आंख नम हो रही थी। शाम के वक्त सौरभ का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा। जिसका बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव सोना निवासी चिकित्सक डॉ. स्वराज सिंह सैनी का बड़ा बेटा सौरभ बुधवार शाम पांच बजे परिजनों से देहरादून जाने के लिए कह कर अपनी कार से निकला था। सुबह पांच बजे मेरठ के मोदीपुरम के निकट उसकी कार पेड़ से टकरा गई, जिसमें उसकी मौत हो गई। सुबह छह बजे आई एक फोन कॉल ने परिवार की खुशियां छीन ली।
इसके बाद पिता परिवार के सदस्यों के साथ मोदीपुरम के लिए रवाना हो गए। घर से रोने की आवाजें आने लगीं तो पड़ोसी अनहोनी की आशंका के चलते उनके घर पहुंचे तो पता चला कि सौरभ की सड़क हादसे में मौत हो गई। एक बारगी किसी को भी विश्वास नहीं हुआ कि शाम जो सौरभ मुस्कराते हुए घर से निकला था वह अब दुनिया में नहीं रहा।
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तीन भाई बहनों में सबसे बड़े सौरभ का परिजनों ने हाल ही में हापुड़ में रिश्ता तय किया था। शादी की तारीख परिजन तय करने वाले ही थे कि सब कुछ खत्म हो गया। दिन भर परिजनों को सांत्वना देने के लिए परिचित आते रहे।
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वहीं शाम के वक्त पोस्टमार्टम के बाद सौरभ का शव गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। बेहद गमगीन माहौल में उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।