उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में गुरुवार को एक पीड़ित युवक जहरीला पदार्थ खाकर सीओ ऑफिस पहुंच गया। जहां उसकी हालत बिगड़ गई तो मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में युवक को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। मारपीट और फायरिंग करने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से वह नाराज है।
मिरगपुर निवासी हिमांशु पुत्र संसार सिंह मारपीट और फायरिंग के मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज चल रहा था। गुरुवार को वह जहरीले पदार्थ का सेवन कर सीओ कार्यालय पहुंच गया। जब उसकी हालत बिगड़ी तो कायार्लय में मौजूद सीओ रजनीश उपाध्याय ने तुरंत अपनी गाड़ी से हिमांशु को सरकारी अस्पताल भिजवाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
हिमांशु का आरोप है कि तीन दिन पूर्व रंजिश के चलते बाबूपुर, नगलीनूर और दुगचाड़ा निवासी चार युवकों ने खेत पर काम करते समय उस पर तमंचे और पिस्टल से फायरिंग की थी। इस घटना की पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। इससे पूर्व भी धमकी दिए जाने के मामले में वह पुलिस से शिकायत कर चुका है। हालांकि सीओ रजनीश कुमार उपाध्याय का कहना है कि मारपीट और फायरिंग के मामले में हिमांशु की तहरीर पर बुधवार को शुभमराज, निखिल, नितिन और युवराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। कार्रवाई नहीं करने के आरोप सरासर गलत है।
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जांच के आदेश दिए : एसपी देहात
मिरगपुर निवासी हिमांशु जहरीला पदार्थ खाकर सीओ कार्यालय पहुंचा था। जिसे हालत बिगड़ने पर सहारनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत बेहतर है। जिन युवकों पर हिमांशु आरोप लगा रहा है कुछ समय पहले उसका उक्त युवकों से झगड़ा हुआ था। पुलिस को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। - अतुल शर्मा, एसपी देहात
साहब पापा को बता देना अब कोई टेंशन नहीं होगी
सीओ रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिन लोगों को नामजद कराया गया है उनके और हिमांशु के बीच फेसबुक पर एक दूसरे को धमकी देने को लेकर रंजिश चल रही है। गुरुवार को हिमांशु बाइक पर कार्यालय पहुंचा था। उसके मुंह से सफेद झाग निकल रहे थे। पहुंचते ही उसने कहा कि साहब पापा को बता देना कि अब उसकी वजह से कोई टेंशन नहीं होगी। यह कहते ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। जिसे तुरंत अपनी गाड़ी से अस्पताल भिजवाया।
हिमांशु के विरुद्ध भी दर्ज हैं चार मुकदमे
हिमांशु के विरुद्ध भी कोतवाली में वर्ष 2017-2018 में विभिन्न धाराओें में चार मामले दर्ज हैं। एक मामले में वह दोषमुक्त हो चुका है जबिक एक मामले में गलत नामजदगी पाई गई थी। बाकी दो मामले में न्यायालय में विचाराधीन हैं।
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