सहारनपुर में ग्लोकल मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के 12 छात्रों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज कर इच्छा मृत्यु की मांग की है। उन्होंने कलक्ट्रेट में पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर उनका भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया है।
जनपद के गांव महेशपुर निवासी छात्र शिवम शर्मा, सहारनपुर के विभोर गोस्वामी, मुजफ्फरनगर निवासी रिजवान और विज्ञनेश ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट विवेक चतुर्वेदी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में इन समेत 12 छात्र-छात्राओं के प्रार्थना पत्र राष्ट्रपति के नाम थे। इन छात्रों ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु प्रदान करने की मांग की है।
इन छात्राओं ने बताया कि नीट पास करने के बाद उनके एडमिशन 2016 में ग्लोकल मेडिकल कॉलेज में हुए थे। आरोप लगाया कि पढ़ाई पूरी करने के एक साल पहले पढ़ाई बंद करा दी गई। एमसीआई ने उनकी पढ़ाई पर रोक लगाई। आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी। उन्हें कोर्ट से भी राहत नहीं मिल सकी। उनका जीवन अंधकारमय हो गया है, इसलिए वो इच्छा मृत्यु की मांग करते हैं।
यह भी पढ़ें: दादा पोते की हत्या: रंजिश में उजड़ गया परिवार, पत्नी छोड़ गई थी गांव, गुजारा करने वाला भी नहीं बचा
उधर, ग्लोकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर अखिल अहमद ने बताया कि यह मामला पहले भी न्यायालय में जा चुका है, जहां पर यह निरस्त हो गया था। जो भी छात्र हैं उनको यूनिवर्सिटी पहले भी पढ़ाना चाहती थी और आज भी पढ़ाना चाहती है। शासन ने इन्हीं छात्रों की शिकायत पर हमारी एनओसी निरस्त की है। उसके बाद वो अपना ट्रांसफर कराने के लिए आते हैं। इस मामले में छात्र हाईकोर्ट इलाहाबाद फिर उसके बाद सुप्रीम कोर्ट भी गए, जहां से इनका मुकदमा खारिज हो चुका है। उसके बाद भी ग्लोकल यूनिवर्सिटी इन छात्रों के साथ है।
यह भी पढ़ें: चुनाव 2022: सरूरपुर में गरजे सीएम योगी, तो सिवालखास से ही लौटे औवेसी, मेरठ में डोर-टू-डोर कार्यक्रम हुआ रद्द