कभी कहता है कि तुम मेरी सेटिंग हो, जबकि कर्मचारी खुद शादीशुदा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला के हंगामा करने के दौरान भी आरोपी कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जब पीड़िता ने कहा कि वह अधिकारियों से शिकायत करेगी तो कर्मचारी ने अधिकारियों के बारे में भी अपशब्द बोले। करीब आधा घंटे के हंगामे के बाद मामला शांत हो गया। जिस समय हंगामा हो रहा था।
उस समय महापौर डॉ. अजय कुमार और नगर आयुक्त शिपू गिरि नगर निगम के सभागार में विकसित भारत 2047 की बैठक में शामिल थे, जिसमें मुख्यमंत्री का लाइव भाषण चल रहा था। इसके अलावा 300 मीटर की दूरी पर जनमंच सभागार में डीआईजी अभिषेक सिंह और एसएसपी आशीष तिवारी सहित तमाम पुलिस अधिकारी मिशन शक्ति के तहत आयोजित कार्यक्रम में महिला सुरक्षा की बात कर रहे थे।
नगर आयुक्त के बैठक से निपटने के बाद पीड़िता ने उनको लिखित में शिकायत की, जिसके बाद नगर आयुक्त ने समिति को जांच सौंप दी है। सूत्रों ने बताया कि नगर आयुक्त से शिकायत करने के बाद आरोपी कर्मचारी की पत्नी की भी पीड़िता के साथ कहासुनी हुई है। बताया गया है कि आरोपी कर्मचारी की पत्नी भी नगर निगम में कार्यरत है।
पीड़िता की ओर से शिकायती पत्र दिया गया है। इस तरह के मामलों के लिए नगर निगम में एक समिति बनी हुई है, जिसकी अध्यक्ष मुख्य कर निर्धारण अधिकारी हैं। उनको जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। मामला गंभीर है। यदि कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। - शिपू गिरि, नगर आयुक्त