उन्होंने बताया रिट के साथ ही अन्य दस्तावेज भी लगाए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मामले पर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। मस्जिद प्रबंधन कमेटी की ओर से मामले में सरकार को विपक्षी बनाया गया है। बता दें, कि कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को अवैध करार दिया था। इसके साथ ही मस्जिद प्रबंधन पर 6.41 करोड़ रुपये का अर्थदंड भी लगाया था।
इसके बाद मस्जिद कमेटी पक्ष की ओर से जिला जज की अदालत में अपील की गई। अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दो सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा था। प्रशासन द्वारा पांच सितंबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई थी। इसी कार्रवाई के खिलाफ मस्जिद कमेटी प्रबंधन ने हाईकोर्ट जाने की बात कही थी। इस मामले पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सदस्य भी सोमवार को मस्जिद कमेटी के सदस्यों से मिलकर बात कर चुके हैं।
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