सहारनपुर पहुंचीं डा. किरण बेदी।
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पुडुचेरी की पूर्व उप राज्यपाल एवं देश की पहली महिला आईपीएस डॉ. किरण बेदी ने देश भर में दुष्कर्म और महिला उत्पीड़न के लिए पुरुषों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि यदि पुरुष अपनी मानसिकता सुधार लें तो ऐसी घटनाएं ना हों। वह रेनबो स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थीं।
किरण बेदी ने कहा कि सभी माताओं और पिताओं को चाहिए कि वे अपने बेटों को संस्कारवान बनाएं। उन्हें बताएं कि ऐसी अपराधिक घटनाओं से उनका क्या नुकसान हो सकता है। दुष्कर्म करते पुरुष हैं, लेकिन झेलना पीड़िताओं को पड़ता है। उनको ऐसे पेश किया जाता है, जैसे अपराध उन्होंने ही किया हो। राजनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे राजनीति नहीं आती है, मैं केवल चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतर गई थी, लेकिन अब बहुत दूर हूं, क्योंकि मेरे अंदर राजनीति के गुण नहीं हैं। मेरे जीवन का उद्देश्य समाज की सेवा है, वही कर रही हूं।
उप राज्यपाल बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनको बुलाकर पूछा गया था कि क्या आप पुंडुचेरी की उप राज्यपाल बनेंगी। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात थी कि प्रधानमंत्री ने मुझे बुलाया। यह उनका बड़प्पन था।
इससे पहले मंच से संबोधन में उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चा क्या करता है क्या नहीं, यह देखना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। स्कूल ने अपना काम कर दिया, उसके बाद अभिभावकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। क्योंकि केवल शिक्षक के प्रयास से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने अपना जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह उनके माता-पिता ने उन्हें पढ़ाया। विद्यार्थियों से कहा कि वह अपने माता-पिता की हर बात को ध्यान से सुनें। लक्ष्य निर्धारित कर जीवन में आगे बढ़ें। कार्यक्रम में महापौर डॉ. अजय कुमार, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, स्कूल संस्थापक नरगिस मलिक, तान्या मलिक, अमिता मलिक, प्रधानाचार्य धर्मेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।