गुरुवार रात मैस में खाना खाकर अपने कमरा नंबर-10 में चल गया, लेकिन शुक्रवार को पूरे दिन वह शिक्षक और छात्रों को दिखाई नहीं दिया। इसके बाद हॉस्टल वार्डन डॉ. पंकज यादव शाम को देखने गए, लेकिन अंदर से कमरा बंद था। काफी खटखटाने के बाद भी दरवाजा खुला नहीं।
प्राचार्य डॉ. विश्वास कुमार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। छात्र के पिता अशोक कुमार पेशे से वकील है। उनके आने के बाद पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा। दरवाजा खोलते ही छात्र का शव पंखे से लटका मिला। पुलिस ने शव को उतारा। उसके बाद शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया।
क्या रही वजह, पुलिस कर रही जांच
राजकीय पॉलिटेक्निक में छात्र का शव मिलने के बाद से पुलिस जांच में लग गई है। ऐसी क्या वजह रही है, जिसके चलते छात्र ने आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। 24 घंटे तक छात्र का शव कमरे में ही रहा, लेकिन न स्टाफ को पता लगा और न ही छात्रों को। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा खत्म होने की वजह से हॉस्टल में कम छात्र रहे।
प्रथम दृष्टया राजकीय पॉलिटेक्निक छात्र द्वारा आत्महत्या करना लग रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता लग पाएगी। -व्योम बिंदल, एसपी सिटी