जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि गाजा में विनाश और बरबादी का असल जिम्मेदार अमेरिका है। वह चाहता है कि गाजा को मानव मुक्त करके यहूदियों को बसाया जाए।
मौलाना अरशद मदनी ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि इजराइल और हमास के बीच स्थायी युद्ध विराम, मानवीय सहायता पहुंचाने के साथ ही गाजा में मूल अधिकारों की बहाली के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के 15 में से 14 सदस्यों ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव के समर्थन में वोट दिया था। इसके बावजूद अमेरिका के वीटो पावर प्रयोग करने के कारण सुरक्षा परिषद् यह प्रस्ताव पारित करने में विफल रहा। इससे साफ है कि गाजा की तबाही व बर्बादी में अमेरिका का हाथ है।
फलस्तीन में अरबों के नरसंहार में वह नंबर एक का भागीदार है। वह चाहता है कि गाजा में यहूदियों को बसाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा यह मानना है कि एक स्वतंत्र और संप्रभु देश की स्थापना ही फलस्तीन मुद्दे का स्थायी समाधान है। इन अकल्पनीय और खतरनाक परिस्थितियों में अमेरिका और उसके राष्ट्रपति के क्रूर इजराइल का अनुचित समर्थन अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है।
मौलाना मदनी ने कहा कि अमेरिका, इजराइल और वे सभी देश जो हमास का पूर्ण उन्मूलन चाहते हैं, आज भी बुरी तरह विफल हैं। इस परिदृश्य को बाकी रखने के लिए गाजा के लगभग एक लाख शहीदों ने अपना खून दिया है।