उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित भक्तों वाली गांव निवासी प्रियंका की करीब 10 वर्ष पहले गंगदासपुर जट निवासी सतीश से शादी हुई थी। उसके दो बेटे शिवम (9) और शिव (7) हैं। रविवार देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में प्रियंका की मौत हो गई। मृतका की बुआ के बेटे सागर के मुताबिक, प्रियंका की मौत की सूचना उसके जेठ ने फोन पर दी थी।
इसके बाद सोमवार सुबह मायके पक्ष के लोग गंगदासपुर पहुंचे। वहां घर पर ससुराल पक्ष का कोई सदस्य नहीं मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि प्रियंका के शव का रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया था। घर से कुछ दूरी पर स्थित श्मशान घाट में शव जलाए जाने की जानकारी मिलने पर मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ अमित कुमार सिंह और इंस्पेक्टर संदीप बालियान फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने पहले घर पर जांच की और इसके बाद श्मशान घाट पर पहुंचकर भी साक्ष्य जुटाए। बताया गया कि मकान के बाथरूम में कुछ कपड़े जले हुए मिले हैं। इसके अलावा घर में कई स्थानों पर खून के निशान मिलने की बात सामने आई है। इन साक्ष्यों के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
पोस्टमार्टम के बिना अंतिम संस्कार किए जाने पर भी उठे सवाल
मृतका के मायके वालों ने घटना को लेकर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रात में ही शव का अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच अधिकारी संदीप बालियान ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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