Ramlala Pran Pratishtha : प्राण प्रतिष्ठा पर घरों में किलकारियां गूंजीं तो परिजनों में खुशी का माहौल हो गया। वहीं, जिन महिलाओं ने इस दिन अपना प्रसव कराने का सपना देखा था, वह पूरा हो गया।
अयोध्या में श्रीराम की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के दिन सहारनपुर जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में किलकारियां गूंजीं। जिन महिलाओं ने इस दिन अपना प्रसव कराने का सपना देखा था, वह पूरा हो गया। बच्चे के जन्म होते ही उनके घर में जश्न मनाया गया। इसी खुशी में कुछ महिलाओं ने बेटे का नाम राम रखा। वह इन्हें भगवान रामलला का वरदान मान रही हैं।
सोमवार को अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। वहीं, आज के दिन जिन घरों में बच्चों ने जन्म लिया है, वहां भी बेहद खुशी का माहौल है। जिला महिला अस्पताल में प्रसव की बात करें तो यहां 12 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें आठ बेटी और चार बेटे हैं। महिला पारुल, प्रीति, नेहा, ज्योति, कविता, मीना, आरती की डिलीवरी सिजेरियन, साबिया, प्रिया, रीता और वंदना की सामान्य डिलीवरी हुई। गंगोह सीएचसी में 11 बच्चों का जन्म हुआ।
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छह महिलाओं ने बेटे और पांच ने बेटी को जन्म दिया। इनमें तीन महिलाएं ऐसी हैं, जिनका पहला बच्चा है। नागल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ताजपुर निवासी भावना को बेटा हुआ। इसी तरह नानौता सीएचसी में भारी निवासी मीनू पत्नी मोनू को बेटी हुई।
बाजोरिया रोड स्थित एक निजी अस्पताल में तीन बच्चों ने जन्म लिया। इनमें शालू पत्नी अंकुर निवासी उमरी को पहला बेटा हुआ। इन्होंने अपने बेटे का नाम राम रखा है। परिवार में खुशी का माहौल है। इसी तरह निधि पत्नी अंकुर निवासी जैनपुर व इलमा निवासी खेड़ी सिखोपुर फतेहपुर को बेटी हुई। इनके अलावा अन्य निजी अस्पतालों में भी खूब किलकारियां गूंजीं।
अस्पताल में 12 महिलाओं की डिलीवरी हुई। आठ महिलाओं को सिजेरियन व चार की सामान्य डिलीवरी की गई। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। महिलाओं में खुशी का माहौल है। - डॉ. इंद्रा सिंह, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल