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सहारनपुर: मदनी बोले- मौत की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी जमीयत

Fri, 18 Feb 2022 09:33 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि बम धमाकों जैसे ज्यादातर गंभीर मामलों में निचली अदालत कठोर फैसले देती है, लेकिन आरोपी को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से हमेशा राहत मिलती है। कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
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मौलाना अरशद मदनी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने अहमदाबाद बम धमाकों में 38 दोषियों को मौत की सजा और 11 को उम्रकैद देने के विशेष अदालत के फैसले पर कहा कि अदालत का यह फैसला अविश्वसनीय है। इसके ख़िलाफ जमीयत हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

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शुक्रवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश के नामी वकील हाईकोर्ट में इस मामले की परैवी करेंगे। हमें पूरा यकीन है कि हाईकोर्ट से इसमें न्याय मिलेगा। क्योंकि इसका एक उदाहरण अक्षरधाम मंदिर पर हमले का है, जिसमें निचली अदालत ने मुफ्ती अब्दुल कय्यूम सहित तीन लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई थी और चार लोगों को उम्र कैद की सजा दी गई थी। जबकि गुजरात हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था।

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कहा- जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे

उन्होंने कहा कि लेकिन जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और वहां हमने अपनी बात रखी तो सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ सभी लोगों को बाइज्जत बरी किया बल्कि कोर्ट ने निर्दोष लोगों को झूठे तरीके से बम ब्लास्ट में फंसने की साजिश करने पर गुजरात पुलिस को भी कड़ी फटकार लगाई थी। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि बम धमाकों जैसे ज्यादातर गंभीर मामलों में निचली अदालत कठोर फैसले देती है, लेकिन आरोपी को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से हमेशा राहत मिलती है। कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम इस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
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