शुक्रवार शाम से ही शिवालिक पहाड़ियों पर भारी बारिश होने से सिद्धपीठ शांकभरी देवी खोल में भारी बाढ़ आ गई। श्रद्धालु काफी समय तक पानी उतरने का इंतजार करते रहे काफी श्रद्धालु तो देवी दर्शनों को अपने वाहन भूरादेव पर ही छोड़कर चले गए। कई श्रद्धालु तो वापस अपने घरों को लौट गए। देर रात श्रद्धालुओं की एक कार बरसाती नदी की धार में बह गई। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से उसको बमुश्किल बाहर निकाला।
वहीं शनिवार की सुबह से ही शिवालिक व मैदानी क्षेत्र में फिर से भारी बारिश शुरू हो गई, जिसके चलते घाड़ क्षेत्र की खुवासपुर, बादशाही बाग, नौगांवा, सिद्धपीठ शांकभरी देवी, जैतपुर कला, शाहपुर गाड़ा सहित कई गांवों की बरसाती नदियों में भारी बाढ़ आ गई। जिसके चलते कई गावों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया।
सुबह के समय बादशाही बाग नदी में बाबू पुत्र सुखबीर निवासी जमालपुर झिंझाना (शामली) निवासी की बोलेरो कार फंस गई, जिसको ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। घाड़ की सभी बरसाती नदिया उफान पर थी। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे थे।
अमरनाथ हादसे में रामपुर मनिहारान के छह श्रद्धालुओं के फंसे होने की आशंका
अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आने से कई लोगों की मौत होने की घटना से जनपद से अमरनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के परिजन भी परेशान हो गए। रामपुर मनिहारान क्षेत्र से पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन को गए 56 लोगों के जत्थे में से छह लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनके गुफा के पास ही ऊपर फंसे होने की आशंका है।
रामपुर मनिहारान से 56 श्रद्धालुओं का एक जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए एक जुलाई को बस से रवाना हुआ था। शुक्रवार देर शाम यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के परिजनों को जैसे ही बाबा अमरनाथ की गुफा के पास बादल फटने की सूचना मिली तो यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के परिजनों में हड़कंप मच गया। श्रद्धालुओं के परिजनों ने अपने लोगों से फोन करने के लिए संपर्क किया तो उनका किसी से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था।
बाबा अमरनाथ यात्रा के सेवादार संजय गुप्ता व डिम्पी ने फोन पर बताया कि वह लोग शाम करीब सात बजे प्रसाद चढ़ाकर वापस बालटाल दो मेल पर आ गए थे। उनके छह साथी ऊपर जाते हुए मिले थे। जिनके फंसे होने की आशंका है। उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनसे लगातार संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।