जिला प्रोबेशन अधिकारी पर अनियमित वेतन भुगतान जारी करने का आरोप लगाते हुए शासन-प्रशासन तक शिकायत की गई थी। कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता कोर्ट पहुंच गया, जहां से कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
बाल कल्याण समिति में अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है। कोतवाली मंडी क्षेत्र निवासी प्रशांत वर्मा ने बाल कल्याण समिति में फर्जी हाजिरी लगाने पर अनियमित वेतन भुगतान जारी होने का आरोप लगाया है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने डीपीओ, समिति अध्यक्ष, सदस्य और लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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चिलकाना रोड पर मदनपुरी कॉलोनी निवासी प्रशांत वर्मा ने तहरीर देकर बताया कि किशोर न्याय अधिनियम के तहत बाल कल्याण समिति गठित है। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय, समिति अध्यक्ष अनिल कुमार, सदस्य आदित्य वालिया और वरिष्ठ सहायक लिपिक जूली पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने और सरकारी धन के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि समिति सदस्य आदित्य वालिया वर्ष 2023 में कई महीनों तक बैठकों में अनुपस्थित रहे, लेकिन उनकी उपस्थिति फर्जी तरीके से दर्ज कराई गई। नियमानुसार आवश्यक उपस्थिति पूरी न होने के बावजूद उनकी सेवाएं समाप्त नहीं की गईं और उन्हें लगातार वेतन का भुगतान किया जाता रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से नियमों की अनदेखी करते हुए सरकारी धन को नुकसान पहुंचाया।
अनियमित रूप से दिए वेतन की वसूली और कार्रवाई के लिए शासन-प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार ने जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय, समिति अध्यक्ष अनिल कुमार, सदस्य आदित्य वालिया और वरिष्ठ सहायक लिपिक जूली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते जांच शुरू कर दी है।
आरोप निराधार, जांच में करेंगे सहयोग
जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि जो आरोप लगाए गए हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। पूर्व में भी उच्च अधिकारी इस मामले की जांच करा चुके हैं, जो गलत पाए गए थे। अब जांच अधिकारी द्वारा जो भी साक्ष्य मांगे जाएंगे, उनको उपलब्ध कराया जाएगा और जांच में भी सहयोग करेंगे।