आरोपी ने संपत्ति विवाद में बड़े भाई की शूटरों से हत्या करना स्वीकार किया। शूटरों को जितेंद्र का साला सन्नी निवासी ग्राम नवादा थाना सरधना जिला मेरठ लेकर आया था। पुलिस ने जितेंद्र और सन्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि जबकि शूटर अजय उर्फ राकेश निवासी बराड़ा जिला अंबाला और दीप फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी का पुलिस प्रयास कर रही है। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुआ।
एक लाख में हुआ था हत्या का सौदा
आरोपी जितेंद्र ने काफी समय पूर्व ही देवेंद्र की हत्या का प्लान बना लिया था। दोनों के बीच कई बार संपत्ति को लेकर विवाद हुआ। जितेंद्र वर्तमान में नोएडा में अपने परिवार के साथ रहता है और पैथोलॉजी लैब में टेस्टिंग का काम कर रहा था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि देवेंद्र अक्सर उसके साथ झगड़ा करता था। उसे गांव में नहीं रहने देता था। वह अपने भाई से परेशान हो गया था। इसलिए उसने भाई की हत्या करने की ठान ली थी। इसमें उसके साले सन्नी ने मदद की, जो शूटरों को लेकर आया था। एक लाख रुपये में हत्या करने का सौदा हुआ था।
शूटरों को जितेंद्र ने एडवांस 25 हजार रुपये दिए थे। वारदात वाले दिन भी जितेंद्र खेत पर गया था और वहां से देवेंद्र के पास बैठे नौकर को किसी काम से बाइक पर लेकर चला गया। खेत से कुछ ही दूरी पर शूटर मौजूद थे, जिन्हें जितेंद्र ने फोन करके कहा था कि देवेंद्र इस समय खेत पर अकेला है और आसानी उसकी हत्या हो सकती है। इसके बाद शेटरों ने वारदात को अंजाम दिया।
छह बीघा जमीन के लिए करा दी हत्या
एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि देवेंद्र और जितेंद्र के पिता सतेंद्र के पास 36 बीघा जमीन है। सतेंद्र ने 15 बीघा भूमि देवेंद्र के बेटों और 15 बीघा भूमि जितेंद्र के नाम कर दी थी। इसके बाद छह बीघा जमीन को लेकर दोनों भाईयों के बीच विवाद चल रहा था। छह बीघा भूमि की खातिर ही देवेंद्र की हत्या कराई गई।