चिलकाना रोड पर कुत्ता सामने आने से ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गई। इसके नीचे दबने से एलकेजी छात्र अरमान की मौत हो गई, जबकि अन्य छात्रों को हल्की चोट आई, जिन्हें कुछ देर बाद घर भेज दिया गया। परिजनों ने बिना कार्रवाई शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
गांव दाबकी गुर्जर निवासी काका चौधरी के छह वर्षीय बेटे अरमान का हाल ही में चिलकाना रोड स्थित सेंट मेरी एकेडमी में दाखिला हुआ था। बुधवार सुबह गांव हौजरी माजरा निवासी ई-रिक्शा चालक अफजाल रोजाना की तरह बच्चों को स्कूल लेकर जा रहा था। गांव से निकलते ही चिलकाना रोड पर ई-रिक्शा के सामने कुत्ता आ गया।
चालक ने ई-रिक्शा को संभालने का प्रयास किया, लेकिन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। यह देखकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े। इसके बाद राहगीरों ने ई-रिक्शा सीधा कर बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो गई थी। अरमान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने भी जांच की। पिता का कहना है कि उसी रिक्शा में अरमान का बड़ा भाई हम्मार भी सवार था, जो सुरक्षित है। अन्य बच्चे भी ठीक हैं।
भाइयों में दूसरे नंबर का था अरमान
पिता काका ने बताया कि कुछ दिन पहले ही अरमान का दाखिला कराया था। तीन बेों में सबसे बड़ा हम्माद, दूसरे नंबर का अरमान और तीसरे नंबर पर दो साल का मोहम्मद शमी है। पिता ने बताया कि बिना किसी कानूनी कार्रवाई के सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है।
ये बोले सीओ
चिलकाना रोड पर अनियंत्रित होकर ई-रिक्शा पलट गई थी, जिसके नीचे दबने से एक बच्चे की मौत हुई है। इस मामले में परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं आई है। परिजन बिना कार्रवाई के शव साथ ले गए।
- मनोज कुमार यादव, सीओ द्वितीय