इसके बाद पड़ोसियों को जगा कर उसने कुत्तों को भगाया। कुत्तों के हमले में उसकी 83 भेड़ों की मौत हो गईं और 15 भेड़ें गंभीर घायल हो गई। पीड़ित का कहना है कि एक भेड़ की कीमत 15000 रुपये है। उसे 13 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। भेड़ पालक व कॉलोनी के लोगों ने कुत्तों को पकड़वाने और प्रशासन तथा विधायक से पीड़ित की आर्थिक सहायता देने की मांग की।
दहशत में चली गई जान
तहसीलदार राधेश्याम शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंच पीड़ित से जानकारी ली। पशु चिकित्सा अधिकारी संजय चतुर्वेदी ने बताया कि घटनास्थल पर जाकर जांच की गईं है। बाड़े में 110 भेड़ें थीं। इनमें दस भेड़ों को कुत्तों ने नोच कर मारा है, जबकि बाकी 73 भेड़ें दहशत से मरी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इसका खुलासा हुआ है, जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान
घटना का जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने एसडीएम रामपुर मनिहारान मानवेंद्र सिंह से फोन पर मामले की जानकारी लेकर पीड़ित को हर संभव मदद दिलाने के निर्देश लिए। इसके साथ ही विधायक देवेंद्र निम ने भी भेड़ पालक को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
पीड़ित को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। -राधेश्याम शर्मा, तहसीलदार