सहारनपुर में अपर सत्र न्यायाधीश कक्षा संख्या-1 वीके लाल ने रुपयों के लेन-देन को लेकर की गई हत्या में आरोप सिद्ध होने पर दो लोगों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दस साल बाद अदालत का निर्णय आया है। दोनों हत्यारे बीते दस साल से जेल में है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता सोनवीर सिंह ने बताया कि मिर्जापुर थाना क्षेत्र के ग्राम हुसैनपुर निवासी सुलेमान ग्राम राणडा के एक बाग में नौकरी करता था। दिनांक 14 सितंबर 2012 की रात को किसी ने उसके सिर पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी। अगली सुबह बाग में उसकी लाश बरामद हुई। घटना की रिपोर्ट सुलेमान के पुत्र रिजवान ने अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई थी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस की विवेचना में आया कि सुलेमान की हत्या पैसों के लेन-देन को लेकर हुई थी। पुलिस ने हत्यारोपी ग्राम मुजफ्फराबाद निवासी इरशाद और छुटमलपुर निवासी मो. आसिफ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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वहीं विवेचना उपरांत पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। मुकदमे की सुनवाई के उपरांत साक्षी और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-1 वीके लाल ने इरशाद और आसिफ को सुलेमान की हत्या करने का दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों हत्यारोपी बीते दस साल से जेल में ही थे, उन्हें जमानत नहीं मिली थी।
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