राव कैसर सलीम ने बताया कि वह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को अपना आदर्श मानते हैं। उनके राजनीतिक जीवन और समाज में उनके योगदान तथा चौधरी अजित सिंह के विचारों से प्रभावित होकर वह 1999 में रालोद से जुड़े थे। तब से लगातार पार्टी की सेवा करते रहे हैं। पार्टी ने भी उन्हें सम्मान दिया। जिलाध्यक्ष सहित कई पदों पर रहते हुए पार्टी की सेवा करने का मौका मिला।
कहा कि बीते कुछ समय से उन्होंने महसूस किया, कि पार्टी अपने उसूलों और एजेंडे से भटक रही है। गलत लोग पार्टी में हावी हो रहे हैं, जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बीते डेढ़ साल से पार्टी में दम घुटने लगा था। काफी विचार करने के बाद आजाद समाज पार्टी में जाने का मन बनाया, क्योंकि वहां काम और ईमानदारी की पूछ है। पार्टी प्रमुख एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उन्हें पटका पहनाकर पूरे सम्मान के साथ पार्टी में शामिल किया है। अब वह आजाद समाज पार्टी के साथ रहकर समाज के किसानों, दबे, कुचले और मजलूम लोगों की आवाज बनेंगे।
उधर, उनके इस कदम से रालोद में भी हलचल है। बता दें कि बीते करीब डेढ़ साल से पार्टी तीन धड़ों में बंटी थी। इनमें एक धड़ा मौजूदा जिलाध्यक्ष शाहजमां खान और प्रदेश महासचिव चौधरी धीर सिंह के साथ है। दूसरा खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नीरपाल के साथ है, जबकि तीसरा धड़ा राव कैसर सलीम का था। बीते डेढ़ साल में कई मंचों पर भी अंतर्कलह सामने आती रही है।
दिल्ली में ज्वाइन की आसपा
राव कैसर सलीम अपने समर्थकों के साथ दिल्ली स्थित नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के आवास पर पहुंचे थे। वहीं पर चंद्रशेखर आजाद ने उनको पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया। राव कैसर सलीम के साथ पूर्व जिला उपाध्यक्ष फरमान राव, राव सलीम जजनैर, राव मेहरबान, नानौता चेयरमैन अफजाल खान, गुरु महिपाल दास, पृथ्वीराज, इमरान खान, राज सिंह आदि ने आसपा की सदस्यता ली।
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