रविवार सुबह 10 बजे क्षेत्र के ही गांव भटपुरा के लोग दुर्घटना में बुरी तरह घायल नावेद (16) पुत्र नवाब अली को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात डॉ. अरविंद पाठक, डॉ. मयंक पुरुथी एवं डॉ. हर्षित ने मरीज का इलाज आरंभ कर दिया। डॉ. अरविंद ने बताया कि मरीज नावेद की हालत बेहद क्रिटिकल थी। उसके कान और नाक से खून बह रहा था। उसे इमरजेंसी में ही खून की उल्टी भी हुई। डॉ. हर्षित एवं डॉ. अरविंद ने बताया कि उन्होंने तीमारदारों को बताया कि मरीज की हालत बेहद खराब है, लेकिन वह कोशिश कर रहे हैं।
यह सुनते ही तीमारदार भड़ककर कहने लगे कि अभी तो ठीक था, इतनी देर में क्या हो गया। डॉक्टरों ने समझाया कि मरीज के सिर में गहरी चोट लगी है, जिसके कारण ऐसा हो रहा है। परंतु तीमारदार सुनने को राजी नहीं थे और गालीगलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए।
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. कुश चौहान ने बताया कि मरीज के साथ आए 25-30 तीमारदार अचानक डॉक्टरों के साथ मारपीट करने लगे। इमरजेंसी में हंगामा करते हुए कुर्सियां उठाकर फेंकनी शुरू कर दी। अन्य डॉक्टरों ने साथियों को बचाने का प्रयास किया तो तीमारदारों ने उनके साथ भी मारपीट की। कई डॉक्टर लहूलुहान हो गए और इमरजेंसी के फर्श पर खून फैल गया। मारपीट में तीन डॉक्टर अरविंद पाठक, डॉ. हर्षित तथा डॉ. मयंक पूर्ति बुरी तरह घायल हो गए। अन्य महिला तथा पुरुष डॉक्टरों व नर्सों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
इस हमले का किसी ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो वायरल हो गया। सारा घटनाक्रम इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गया। जानकारी मिलने पर मेडिकल चौकी से पुलिसकर्मी पहुंचे तो तीमारदारों ने उनके साथ भी मारपीट की। सारा घटनाक्रम इतनी जल्दी हुआ कि डॉक्टर जब तक अपने साथियों तथा इमरजेंसी को संभाल पाते तीमारदार अपने मरीज को लेकर रफू चक्कर हो गए। डॉ. कुश चौहान ने भटपुरा निवासी नावेद के तीमारदारों के विरुद्ध मेडिकल चौकी में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच व कार्रवाई की जाएगी।