पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट मामले में एनआईए की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की साजिश के मामले में नामजद मुख्य आरोपी बैंक अधिकारी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए के लखनऊ थाने में इसकी एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। अब जाली नोटों के स्रोत से भी पर्दा उठेगा।
पंजाब नेशनल बैंक की सहारनपुर में सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने का मामला सामने आया था। इस मामले में पीएनबी के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार कांसे निवासी अंबेडकर कॉलोनी सहारनपुर, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा निवासी नवीन नगर और करनाल मंडल में खेरा बाजार जगाधरी की करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार निवासी अंसल टाउन जगाधरी यमुनानगर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके साथ ही उन्हें निलंबित भी कर दिया गया था।
इसके बाद से इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एनआईए, एसआईटी और पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पीएनबी के चार अन्य कर्मचारियों की भी तलाश चल रही है, जो इन आरोपियों के संपर्क में थे। एनआईए ने तीन सितंबर को अपने थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद एनआईए की टीम ने करनाल मंडल में खेरा बाजार जगाधरी की करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
एनआईए जल्द इस पूरी साजिश का खुलासा करेगी। टीम पता लगाएगी कि नकली नोट करेंसी चेस्ट कैसे पहुंचे और उनके साथ इस मामले में और कौन-कौन बैंककर्मी शामिल हैं। पता यह भी लगाया जाएगा कि इतनी बड़ी असली करेंसी को कैसे गायब किया गया। रकम को कैसे ठिकाने लगाया गया। इसका भी पता लगाया जाएगा। फिलहाल एनआईए की टीम एक-एक बिंदु पर गहनता से जांच में जुटी है।
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