प्रवीण ने बताया कि इस घटनाक्रम के बाद उसे सामाजिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं गत 12 जुलाई को रात के समय उसके मकान की दीवार पर किसी ने आतंकवादी लिख दिया और किसी ने उसके घर में कागज फेंका, जिस पर लिखा था कि आतंकवादी पाकिस्तान चला जा। इससे उसे गहरा मानसिक आघात लगा है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में धर्मांतरण संबंधी सूची में नाम आने पर शीतलाखेड़ा गांव के प्रवीण कुमार ने पदयात्रा शुरू की है, जो छह अगस्त को सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली तक चलेगी। प्रवीण का कहना है कि धर्मांतरण की सूची में नाम आने और उनके साथ हो रही घटनाओं के कारण मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
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नागल क्षेत्र के गांव शीतलाखेड़ा निवासी प्रवीण ने बताया कि सहारनपुर कलक्ट्रेट से 27 जुलाई को उन्होंने पदयात्रा शुरू की है, जो छह अगस्त को सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली पहुंचकर समाप्त होगी। प्रवीण ने बताया कि गत जून माह में एटीएस (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड) ने धर्मांतरण करने वालों की सूची जारी की, जिसमें उसका नाम भी शामिल था, जबकि उसने धर्मांतरण किया ही नहीं था।
इसके बाद 21 से 24 जून तक एटीएस ने गांव में आकर उससे पूछताछ की। इसके बाद 29 जून तक लखनऊ में पूछताछ की गई और फिर उसे ऐसे किसी कृत्य में दोषी नहीं मानते हुए छोड़ दिया गया।
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प्रवीण ने बताया कि इस घटनाक्रम के बाद उसे सामाजिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं गत 12 जुलाई को रात के समय उसके मकान की दीवार पर किसी ने आतंकवादी लिख दिया और किसी ने उसके घर में कागज फेंका, जिस पर लिखा था कि आतंकवादी पाकिस्तान चला जा। इससे उसे गहरा मानसिक आघात लगा है।
प्रवीण ने बताया कि वह लेखक और कवि हैं और राष्ट्रीयता, सामाजिक उत्थान एवं मानवतावादी विचारों पर आधारित दो पुस्तक भी प्रकाशित कर चुके हैं, जो नमो गाथा मोदी एक विचार और योगी राज से योगी राज तक का प्रकाशन किया है। इसके अलावा शिक्षाशास्त्र विषय में केंद्रीय विश्वविद्यालय से पीएचडी में प्रवेश के लिए अध्ययनरत हैं।