एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड पर किया गया रूट डायवर्जन। संवाद
- फोटो : मनीष शर्मा
- पहाड़ियों का भूस्खलन रोकने के लिए चल रहा है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड से सटी पहाड़ियों से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एनएचएआई करीब सवा किमी के हिस्से में ढलान स्थिरीकरण का कार्य कर रहा है। इसके लिए एलिवेटेड रोड की सहारनपुर से देहरादून जाने वाली एक साइड के डेढ़ किमी हिस्से पर रूट डायवर्जन किया हुआ है। पहले इसकी डेड लाइन आठ जून थी लेकिन काम पूरा न होने के कारण इसे एक सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया गया है।
बता दें, कि एलिवेटेड रोड का करीब डेढ़ किमी का हिस्सा पहाड़ियों को काट कर निकाला गया है। पिछली बरसात में आधा दर्जन स्थानों पर पहाड़ियों से भूस्लखन होकर मलबा सड़क पर आ गिरा था। उस वक्त एलिवेटेड रोड वाहनों के लिए खोली गई थी। उसके बाद इसकी स्थाई तौर पर मरम्मत नहीं की जा सकी थी। गत 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण के वक्त केवल ग्रीन नेट लगा कर इन पहाड़ियों को ढक दिया गया था। अब बरसात का मौसम आने वाला है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा के लिए इन पहाड़ियों की मरम्मत करनी जरूरी थी। 23 मई से इस पर लगातार काम चल रहा है। पहाड़ के कमजोर हिस्से को हटा कर उसे मजबूती प्रदान की जा रही है। ताकि बरसात के मौसम में यात्री सुरक्षित सफर कर सकें।
एक्सप्रेसवे पर रूट डायवर्जन प्लान को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ाया है। फिलहाल काम चल रहा है। प्राथमिकता है कि सड़क पर पड़े मलबे को हटाकर यातायात शुरू किया जाए। - सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई