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लड़कियों को मिले निर्णय लेने की आजादी का अधिकार

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चिलकाना। दिशा सामाजिक संगठन के तत्वावधान में ऑक्सफैम इंडिया के सहयोग से महिला हिंसा के विरुद्ध चलाए जा रहे 16 दिवसीय अभियान के अंतर्गत गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में लड़कियों को अपनी मर्जी से शिक्षा ग्रहण करने, कार्य करने की आजादी तथा शादी जैसे मामले में निर्णय लेने की आजादी पर चर्चा की।
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मंगलवार को दिशा कैंपस में आयोजित गोष्ठी में संस्था के संस्थापक केएन तिवारी ने कहा अभियान पूरे विश्व में 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलाया जाएगा। अभियान में लड़कियों को शिक्षित करने, आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें रोजगार के अवसर देने के साथ अपनी शादी तथा अपने विकास से संबंधित सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है। अभियान में लड़कियों की शादी 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 करने वर्ष करने की बात भी कही। कार्यक्रम समन्वयक तस्लीम ने महिला हिंसा तथा जेंडर समानता पर कहा कि लड़कियों को हमेशा शिक्षा तथा आगे बढ़ने के मामले में दबाया जाता है। लड़कियों की जल्दी शादी करके उन्हें बंधनों में बांध दिया जाता है, जो सरासर गलत है।
अस्तित्व संस्था की अध्यक्ष रिहाना अदीब तथा दिशा की महिला प्रकोष्ठ की संयोजक जहान्वी तिवारी ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से समाज को जागरूक करने की जरूरत है। साथ ही लड़कियों के ऊपर होने वाले भेदभाव तथा गैर बराबरी का विरोध भी किया जाना चाहिए। गोष्ठी में मौजूद महिलाओं को महिला हिंसा का हर स्तर से विरोध करने की शपथ भी दिलाई । गोष्ठी में शाहीन परवीन, सुरेशो सैनी, रजनीश, नीलम, सविता, कुंता, रीता, सुनीता, राज्जो देवी, रामरती, रेशमा, अरुण, हरिचंद, राज कुमार, रियासत, अर्चना, वैशाली, शिवानी आदि रही।
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