सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशू मलिक के बीच सियासत के अखाड़े में बयानबाजी का दंगल जारी है। एक चैनल को दिए बयान में सांसद ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में 80-17 सीटों का फार्मुला नहीं चलेगा। हम भिखारी नहीं है और न ही हमें बैसाखी की जरूरत है। इसी बीच सपा विधायक आशू मलिक ने भी फेसबुक पेज पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अब बुलबुल किसके इशारे पर नाच रही है।
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि 2024 में राहुल गांधी के नाम पर वोट पड़े हैं। राहुल गांधी के नाम पर सांसद बना हूं। गठबंधन का फैसला पार्टी करेगी, हम पूरी तैयारी में हैं। अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में 80-17 का फार्मुला नहीं चलेगा। यूपी में कांग्रेस को अपने दम पर खड़ा करेंगे। हम कोई भिखारी नहीं और न बैसाखी की जरूरत। अब देश जान चुका है कि भाजपा को सिर्फ कांग्रेस जवाब दे सकती है। राहुल गांधी का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। कहा कि सबसे बड़ा वोट बैंक मुसलमान है। पीडीए में कहां है मुसलमान। हम सिर्फ वोट देने और दरी बिछाने के लिए नहीं है। अखिलेश से पूछिए हम तो छोटे नेता है। हम तो अब्दुल है, अब्दुल का काम तो पंक्चर लगाना होता है। आपको अब्दुल से दरी बिछवानी है और कांग्रेस में अब्दुल को नेता बनाना है। हम अल्पसंख्यक नहीं, हम मुसलमान है।
विधायक आशु मलिक की पोस्ट भी सुर्खियों में
सपा विधायक ने फेसबुक पेज पर लिखा कि अब बुलबुल किसके इशारे पर नाच रही है। जब इन पर कोई आफत आती है तो कौम खतरे में पड़ जाती है। अहसान फरामोशी, घमंड, धोखा, जुल्म, छल-कपट, झूठ-फरेब। ये है कायदत ड्रामा कंपनी की पुरानी बीमारी, करते हैं बात वफादारी की नस-रस में है गद्दारी, जमीर बेचकर दल बदलने वालों ने यह खूब काम किया, जिसे उरूज पर देखा उसे सलाम किया। विधायक की इस पोस्ट पर भी जमकर प्रतिक्रियाएं आ रही है।
ऐसे छिड़ा विवाद
कुछ दिन पहले गागलहेड़ी क्षेत्र के गांवों में कैंसर की बीमारी को लेकर स्वास्थ्य शिविर लगना था। सपा विधायक बड़े स्तर पर चिकित्सकों की टीम को बुलाना चाहते थे। इसी बीच एक गांव में कार्यक्रम के दौरान सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अगर आशु मलिक नहीं होंगे तो क्या शिविर नहीं लगेगा। इसके बाद सपा की तरफ से प्रेस कांफ्रेंस कर सांसद पर कटाक्ष किए गए थे। सांसद ने पलटवार करते हुए कहा था कि अगर अखिलेश यादव बयान देंगे तब वह जवाब देंगे। इसके बाद अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए कहा था कि वह इतने बड़े नेता नहीं है, जो उनका जिक्र किया जाए।