बेहट। ब्लाक साढ़ौली कदीम क्षेत्र की ग्राम पंचायत शाहपुर बांस में इस बार सोनिया सैनी प्रधान चुनी गई है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उन्हें रोजगार से जोड़ना और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता उनकी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए वे स्वयं सहायता समूहों का गठन कर कुटीर उद्योग आदि की स्थापना कराकर रोजगार के अवसर सृजित करने का प्रयास करेंगी। ग्राम प्रधान सोनिया सैनी का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र, बरात घर, श्मशान घाट, पेयजल परियोजना की स्थापना कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। लोगों को बचत योजनाओं से जोड़ने के लिए वे गांव में सहकारी बैंक की शाखा खुलवाने के लिए भी प्रयास करेगी। इसके अलावा गांव में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए इंटर कॉलेज की स्थापना का भी वे प्रयास करेंगी। उनका कहना है कि शिक्षा से ही गांव के लोगों की आर्थिक तरक्की के रास्ते खाले जा सकते हैं।
प्रधान का प्रोफाइल
- 37 वर्षीय सोनिया सैनी बीकॉम है। वे सहारनपुर में प्ले स्कूल संचालित करती हैं।
- सोनिया के पति सुनील कुमार पेशे से अधिवक्ता हैं।
दूषित पेयजल है सबसे बड़ी समस्या
तहसील बेहट से 13 किमी दूर साढ़ौली ब्लॉक की साढ़े तीन हजार की आबादी वाली यह ग्राम पंचायत सैनी बाहुल्य है। जबकि इसके दो मजरे मुस्लिम आबादी के लोदीबांस और अनुसूचित आबादी के माजरी भी इससे जुड़े हैं। यहां की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। गांव में लगे 40 हैडपंपों में से आधे बंद पड़े हैं जो हैं उनसे निकले वाला पानी दूषित है। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य के साधन भी नहीं है। आठवीं के बाद बच्चों को दस से 12 किमी दूर बेहट व साढ़ौली कदीम आना पड़ता है। श्मशान घाट नहीं होने से प्रियजनों की अंत्येष्टि नदी किनारे करनी पड़ती है।