-सियासी कद भी तय करेगा परिणाम
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। यह विधानसभा चुनाव जहां कुछ नेताओं का सियासी कद तय करेगा, वहीं चुनाव में जिले के कई नेताओं की प्रतिष्ठा पर भी दांव पर लगी है। अब सभी की निगाहें बृहस्पतिवार को ईवीएम से निकलने वाले नतीजों पर लगी है।
चार बार के विधायक पूर्व मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी इस बार भी नकुड़ विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। यह सबसे वीआईपी सीट बनी है। डॉ. धर्म सिंह सैनी गत चुनाव में बसपा छोड़कर भाजपा में आए थे और चुनाव जीतने के बाद योगी सरकार में आयुष राज्यमंत्री बनाए गए थे। इस बार चुनाव में ऐन वक्त पर वो भाजपा छोड़ कर सपा में शामिल हो गए। सपा ने उन्हें नकुड़ सीट से भी चुनाव लड़वाया है। उनका सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी से है। चार बार के विधायक रहे जगपाल सिंह भी बसपा छोड़ कर भाजपा में आए और वो भाजपा के टिकट पर सहारनपुर देहात सीट से चुनावी मैदान में है। जिले के दिग्गज नेता व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव रहे इमरान मसूद का सियासी कद भी यह चुनाव तय करेेगा। इमरान चुनाव घोषित होते ही कांग्रेस छोड़ कर सपा में आए, मगर सपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। अब जिले में सपा प्रत्याशियों की जीत और हार उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ी है। इमरान के भाई नोमान मसूद भी रालोद छोड़ कर बसपा में आए और गंगोह सीट से चुनाव मैदान में है। इसी सीट से पूर्व मंत्री चौधरी यशपाल सिंह के छोटे बेटे इंद्रसेन भी चुनाव लड़ रहे है। जिस कारण गंगोह सीट पर इन दोनों परिवार की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। बेहट विधायक नरेश सैनी भी कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आए और इसी सीट पर चुनाव मैदान में है। इनके अलावा सहारनपुर शहर सीट पर सपा विधायक संजय गर्ग, देवबंद सीट पर भाजपा विधायक बृजेश सिंह, गंगोह सीट पर भाजपा विधायक किरत सिंह, रामपुर मनिहारान सीट पर भाजपा विधायक देवेंद्र निम भी अपनी सीट बचाने के लिए चुनावी रण में है। इनकी भी प्रतिष्ठा दांव पर है। बृहस्पतिवार को ईवीएम से निकलवाले परिणाम तय कर देंगे कि मतदाताओं ने इस बार किसे अपना विधायक चुना है।