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Saharanpur News: कागजों की कमी से अटका वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण, लखनऊ देना होगा जवाब

Tue, 16 Jun 2026 01:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की अंतिम तिथि बीत गई। जिले में करीब 800 संपत्तियों का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर नहीं हुआ है। इनमें से 400 पर आपत्तियां लगी हैं। आपत्ति लगी संपत्तियों के मुतवल्लियों को लखनऊ में लिखित में वजह बतानी होगी।
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जिलेभर में वक्फ की करीब चार हजार संपत्तियां है। इनका पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराने की अंतिम तिथि पांच जून 2026 तय की गई थी। इससे पहले दस्तावेजों के अभावों में 400 संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर उन्हें पांच जून तक दस्तावेज अपलोड करने को कहा गया था। तय समय सीमा तक भी 400 संपत्तियों के दस्तावेज अपलोड नहीं हुए। अब उन्हें लखनऊ स्थित वक्फ बोर्ड के कार्यालय पर जाकर वजह बतानी होगी कि वह क्यों दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं कर पाए। वहीं 400 संपत्ति ऐसी हैं, जिन्हें अपलोड ही नहीं किया गया। अब उनके मिल्कियत पर निर्णय सरकार लेगी। उन्हें सरकारी भूमि घोषित किया जा सकता है।
उम्मीद पोर्टल के जिला को-ऑर्डिनेटर नईम पीरजादा बताते हैं कि प्रदेश में करीब 1.26 लाख संपत्तियां वक्फ की हैं। इनमें से करीब एक लाख के करीब संपत्तियां पोर्टल पर दर्ज हो गई हैं। जिले में भी चार हजार में से 3200 संपत्ति पोर्टल पर दर्ज हो गई है। आपत्ति वाली संपत्तियों के मुतवल्लियों को लखनऊ जाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को आपत्ति लगी संपत्तियों को दस्तावेज अपलोड करने के लिए कुछ समय देना चाहिए।
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- नाम, नक्शा, दफा-37 समेत अन्य दस्तावेज देने जरूरी
उम्मीद पोर्टल पर संपत्तियों को पंजीकृत करने के लिए मुतवल्लियों को लॉगिन कर, मोबाइल नंबर, ईमेल, नाम, नक्शा, वक्फ बोर्ड से प्राप्त दफा-37, आदेश की कॉपी, फोटो एवं आधार कार्ड अपलोड करना था। जिन संपत्तियों पर आपत्ति लगी है। उनके दस्तावेजों का मिलान बोर्ड के रिकॉर्ड से नहीं हो पाया।
- कब्रिस्तान और छोटी मस्जिदें अधिक

महानगर से लेकर देहात की कई बड़ी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण हो गया है। समस्या छोटी संपत्तियों के पंजीकरण के दौरान आ रही है। कई स्थानों पर कब्रिस्तान के लिए जमीन को वक्फ कर दिया गया, लेकिन उसके कागजात या फिर नहीं बैनामा हुआ। न ही उन्हें वक्फ रजिस्टर में दर्ज कराया गया। इस तरह की संपत्तियों को अपलोड करने में अधिक दिक्कत आ रही है।
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