सबमर्सिबल पंपों के लिए शुरू नही हुआ पंजीकरण
सहारनपुर। जल संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट में सबमर्सिबल पंपों के पंजीकरण का प्रस्ताव तो पास हो गया है। लेकिन जल निगम से लेकर कृषि विभाग तक के अफसरों को अभी तक इस पंजीकरण की प्रक्रिया के लिए अधिसूचना और गाइड लाइंस का ही इंतजार है।
नगर निगम की ओर से सबमर्सिबल पंपों के लिए कोई पंजीकरण या सर्वे तो अभी शुरू नहीं हुआ है। लेकिन शहर में 122 तालाबों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 20 तालाबों की खोदाई की जा चुकी है। दिल्ली रोड स्थित तालाब को विशेष श्रेणी में विकसित किया जाएगा। इसका कायाकल्प भी होना है।
वहीं, शहर के अलावा जिले के 11 ब्लॉकों में भी सबमर्सिबल पंपों के पंजीकरण के लिए अभी कुछ नहीं हुआ है। जल दोहन रोकने और जल संरक्षण के लिए पिछले वर्ष 1036 तालाबों की खोदाई कराई गई, जबकि इस साल भी अब तक 225 तालाब की खोदाई कराई गई है। इसके अलावा 500 से अधिक स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्लानिंग की गई है।
जल संरक्षण में पुवांरका ब्लॉक ही बेहतर
- सबमर्सिबल पंपों के पंजीकरण और सर्वे कराने के पीछे सरकार का उद्देश्य जल दोहन को रोकने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने का है। प्रत्येक तीन वर्ष में होने वाले सर्वे के आधार पर वर्ष 2017-18 में हुए सर्वेक्षण के मुताबिक जिले के 11 ब्लॉकों में शहर से सटा पुवांरका ब्लॉक ही ऐसा है जो जल संरक्षण में सबसे बेहतर है। इसके अलावा बलियाखेड़ी कुछ दोहित है।
इन ब्लॉकों में कम नहीं हुआ जल दोहन
- गंगोह - अतिदोहित
- नागल - अतिदोहित
- नकुड़ - अतिदोहित
- साढ़ौली कदीम - अतिदोहित
- सरसावा - अतिदोहित
- देवबंद - दोहित
- मुजफ्फराबाद - दोहित
- नानौता - दोहित
- रामपुर मनिहारान - दोहित
नोट : उत्तर प्रदेश जल निगम की ओर से त्रिवार्षिक आधार पर किए जाने वाले 2017-18 के सर्वे के अनुसार
अब तक जल दोहन का ही हुआ है सर्वे
- जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह के अनुसार सबमर्सिबल पंपों का पंजीकरण तो नहीं हुआ लेकिन जिले में जल दोहन की स्थिति पर हर तीन साल में होने वाला सर्वेक्षण जरूर हुआ है। सबमर्सिबल पंपों के बारे में शासन से गाइड लाइंस का इंतजार है।
गाइड लाइंस मिलने पर ही शुरू होगा सर्वे
- उपनिदेशक कृषि रामजतन मिश्र ने बताया कि विभाग को अभी तक सबमर्सिबल पंपों के पंजीकरण से संबंधित कोई शासनादेश नहीं मिला है। जब तक शासनादेश नहीं आ जाता और पूरी गाइड लाइंस क्लीयर नहीं हो जातीं तब तक पंजीकरण या सर्वेक्षण की स्थिति नहीं बन पाएगी।