सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाला मरीज कोरोना का संदिग्ध है या नहीं। इसकी पहचान मरीज के हाथ में थमाए जाने वाली पर्ची पर बना पेन का लाल और हरा निशान कराएगा। कोरोना के खतरे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने ऐसी व्यवस्था करने का निर्णय लिया है, जो शुक्रवार से लागू हो रही है।
मरीजों की सुविधा के लिए एसबीडी जिला अस्पताल इमरजेंसी सेवा के साथ ही फिजीशियन और बच्चों की ओपीडी भी लगातार चला रहा है। बीते दिनों एक मरीज इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा था, जो बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन को दो चिकित्सकों और दो नर्सों को क्वारंटीन करने के साथ ही उनके सैंपल जांच के लिए भेजने पड़े थे। गनीमत रही कि सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई। मगर अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने प्रात: आठ बजे से दोपहर दो बजे तक पर्ची काउंटर के बाहर और दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक इमरजेंसी के बाहर डेस्क बनाने का निर्णय लिया है। यहां कर्मचारियों की टीम तैनात रहेगी, जो मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ही उनकी काउंसिलिंग भी करेगी। पांच सवाल मरीजों से पूछे जाएंगे। पहला यह कि वह हॉटस्पॉट से तो नहीं आए। कोई लक्षण तो नहीं हैं। परिजनों में से किसी को कोरोना तो नहीं हुआ है आदि। यदि किसी में लक्षण हैं या वह हॉटस्पॉट से आया है तो उसकी पर्ची पर लाल पेन से निशान बनाया जाएगा। इसके बाद उसको सावधानी के साथ इलाज दिया जाएगा। इसके अलावा सामान्य मरीजों की पर्ची पर हरे रंग से निशान बनाया जाएगा ।
रसोई में विशेष सावधानी
जिला अस्पताल की रसोई से सभी मरीजों और स्टाफ का भोजन तैयार होता है। चिकित्साधिकारियों का मानना है कि रसोई में आने वाली सब्जियां मंडी से आती हैं जहां से सब्जियों के साथ संक्रमण आ सकता है। उधर, रसोई संचालक शमीम खान का कहना है कि भोजन तैयार करने में पूरी सावधानी बरती जा रही है।
कोई संक्रमित व्यक्ति हमारे डॉक्टरों और स्टाफ को संक्रमित ना कर दे। इसके लिए हमने डेस्क बनाने का निर्णय लिया है। जहां संदिग्ध मरीजों की पर्ची पर लाल निशान और सामान्य मरीजों की पर्ची पर हरा निशान बनाया जाएगा। रसोई में आने वाली सब्जियों को भी धुलवाने के बाद अंदर रखा जाएगा।
डॉ. एसके वार्ष्णेय, सीएमएस।