सहारनपुर। सपा और भाजपा के बाद अब आजाद समाज पार्टी में टिकट न मिलने के कारण बगावत सामने आ गई है। जिला पंचायत सदस्य के वार्ड 44 पर आसपा की तरफ से प्रत्याशी घोषित होने के बावजूद पार्टी के जिला संगठन मंत्री ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया है।
निर्दलीय नामांकन करने वाले विनोद प्रधान का कहना है कि वह भीम आर्मी में जिला उपाध्यक्ष भी रहे हैं। आजाद समाज पार्टी के लिए भी काफी समय से कार्य कर रहे हैं और वर्तमान में जिला संगठन मंत्री का पद संभाल रहे हैं। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य वार्ड 44 से टिकट मांगा था, लेकिन उनको टिकट नहीं देकर अमित कुमार को प्रत्याशी घोषित कर दिया। उनका आरोप है कि ऐसे लोगों को प्रत्याशी बनाना ठीक नहीं है, जिन्होंने संगठन के लिए कोई कार्य नहीं किया। उधर, आजाद समाज पार्टी के प्रवक्ता टिंकू कपिल का कहना है कि जिताऊ और मजबूत प्रत्याशी ही चुनाव में उतारे गए हैं, यदि विनोद प्रधान अपना नामांकन वापस नहीं लेते हैं तो संगठन स्तर पर कार्रवाई भी की जाएगी।
सपा और भाजपा में भी सामने आई कलह
सपा नेता साहिल खान ने भी पार्टी की तरफ से प्रत्याशी घोषित होने के बावजूद वार्ड संख्या 14, 16 और 19 पर अलग प्रत्याशियों का नामांकन कराया, जिससे सपा में कलह उजागर हुई। वहीं, इससे पहले भाजपा समर्थित प्रत्याशी नहीं बनाए जाने पर नक्षत्रपाल ने वार्ड 23 से निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया।
एससी आरक्षित पद पर एसटी के नामांकन पर आपत्ति
सहारनपुर। पुंवारका ब्लाक क्षेत्र के गांव लश्करपुर चमारीखेड़ा के रमेश प्रधान, चंद्रकिरन, सौरण सिंह, जय कुमार आदि ने निर्वाचन अधिकारी को शिकायत पत्र दिया। उसमें बताया कि ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं, लेकिन अनुसूचित जनजाति (एसटी) की महिला ने भी नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने बताया कि महिला का मायका देहरादून जनपद के गांव कालसी में है और वहां से जाति के सत्यापन की जांच में एसटी होने की पुष्टि की रिपोर्ट भी शिकायतपत्र के साथ लगाई गई है।