सहारनपुर। निर्माण कार्यों के लिहाज से सीजन नहीं चल रहा है, बावजूद निर्माण सामग्री के दाम में उछाल आ गया है। सरिया पर तो प्रति क्विंटल एक हजार से 1200 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है तो ईंटों पर भी प्रति हजार 200 से 300 रुपये का उछाल आ गया है। इसकी वजह से भवनों का नया निर्माण कराना फिलहाल महंगा साबित हो रहा है और लोग निर्माण कराने से हिचकिचा रहे हैं।
दरअसल, इस समय बाजार में चार सूत सरिया का दाम 5300 और तीन सूत सरिया 5500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि एक महीना पूर्व यह दाम 4300 रुपये प्रति क्विंटल तक थे। सरिये के दाम में उछाल की कोई ठोस वजह कारोबारी भी नहीं बता पा रहे हैं। देहरादून रोड पर रॉ मैटीरियल विक्रेता सुरेंद्र वर्मा का कहना है कि सरिये के दाम पीछे से ही महंगे हो गए हैं, उत्पादन में कमी कारण बताई जा रही है, लेकिन अभी यह सीजन नहीं है, बावजूद दाम बढ़ना हैरान कर रहा है। उन्होंने बताया कि कोरसेंट 68 रुपये क्विंटल, कटर बजरी 78 रुपये और रेत 50 रुपये प्रति क्विंटल का भाव चल रहा है, इनमें बीते एक महीने के अंतराल में कोई खास बदलाव नहीं आया है। वहीं, सीमेंट कारोबारी अंकुर का कहना है कि सीमेंट का दाम इस समय 375 से 385 रुपये प्रति बैग है, जबकि एक महीना पहले 395 से 400 रुपये था। जनवरी से सीमेंट के दाम में इजाफा होने का अनुमान है।
ईंटों के अलग अलग दाम
ईंट भट्ठा कारोबारी सुभाष चौधरी का कहना है कि सर्दी में ईंट का कारोबार कम रहता है, इस कारण दाम गिर जाते हैं, लेकिन बीते एक महीने में दाम में बढ़ोतरी हुई है। एक महीना पूर्व अव्वल ईंट 4300 रुपये प्रति हजार थी, अब वह 4700 से 4800 रुपये तक है। इस समय दोयम (लाल पेटी) 4400 - 4500 और सोयम ईंट 2800 से 3000 रुपये प्रति हजार तक बिक रही है। वहीं, ईंट भट्ठा कारोबारी रामवीर का कहना है कि उनके यहां ईंट का दाम 4200 रुपये प्रति हजार है।
दो महीना पूर्व के दाम की अपेक्षा कम
ईंटों का दाम ढाई महीना पूर्व 5000 रुपये प्रति हजार को पार कर गया था। उसके बाद दाम में गिरावट आई। चूंकि इस सीजन में ईंटों की पथाई नहीं होती है और निर्माण कार्य भी कम हो जाते हैं। इससे डिमांड भी कम हो जाती है। हालांकि बीते एक महीने में दामों में उछाल जरूर आया है।