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सहारनपुर: रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण की अस्थियों का होगा गंगा में विसर्जन

Sun, 06 Oct 2019 01:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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रामलीला का मंचन करते कलाकार - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में उत्तर रेलवे नाटक क्लब माल गोदाम रोड भारतीय संस्कृति और रामचरित मानस के अनुसार 69वां रामलीला और दशहरा महोत्सव मना रहा है। सात्विक ढंग और प्राचीन परंपराओं के हिसाब लीला का मंचन किया जा रहा है। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के वध के बाद ही पुतलों की अग्नि को शांत कर अस्थियां गंगा में विसर्जित की जाएंगी।
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क्लब के संयोजक यशपाल त्रेहान ने बताया उनके यहां श्री राम चरित मानस के पाठ से लीला का शुभारंभ किया जाता है और लीला का विश्राम पाठ एवं भोग के साथ ही राजतिलक वाले दिन किया जाता है। निर्देशक पंकज बजाज ने बताया कि सभी पात्रों को चौपाईयां कंठस्थ हैं। उनके यहां भारतीय संस्कृति और परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। 

 

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सीता स्वयंवर के बाद भगवान श्रीराम की बरात निकालकर वर-वधु पक्ष की मिलनी करने के साथ ही विवाह की सभी रस्में पूरी की जाती हैं। लीला के शुभारंभ से पूर्व गंगा स्नान कर सभी पात्र संकल्प लेते हैं और गंगा स्नान कर ही स्वरूप का त्याग करते हैं। मंचन वाले दिनों में सभी पात्र सात्विक ढंग से जीवन व्यतीत करते हैं और जमीन पर सोते हैं।

क्लब के मीडिया प्रभारी अमित यादव उर्फ मोनू ने बताया कि दशहरा के आयोजन में भी हिंदू धर्म की वैदिक संस्कृति का एक अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है, जिसमें रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले दहन के बाद अग्नि को दूूध की छींटे मारकर शांति किया जाता और अस्थियों का हिंदू रीति रिवाज से गंगा में विसर्जित की जाएंगी।
 
इसके अलावा दर्शकों को रोमांचित करने के लिए मंच पर विशेष लाइटिंग और साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इसमें मेघनाथ, कुंभकरण, अहिरावण वध की लीला का मंचन के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं।
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