सहारनपुर। जिले में सरकारी राशन की दुकानों को अब जल्द अपना पक्का भवन मिलेगा। किसी भी निजी प्रतिष्ठान पर दुकानें नहीं रहेंगी। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से वर्ष 2026 में जिले में 92 अन्नपूर्णा भवन बनाए जाने हैं। इनमें 18 का निर्माण पूरा हो चुका है। भवनों में करीब दो माह का राशन सुरक्षित रखने की क्षमता होगी।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण के लिए कार्यदाई संस्था बनाया गया है। एक भवन के निर्माण के लिए 8.50 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। सलूनी, जटौला, लबकरी, झबीरण, राजूपुर और आसराखेड़ी, गंगोह के टिंडौली, मुजफ्फराबाद के खुशहालीपुर और सढ़ौली कदीम के अलीपुर के अलावा पाडूंखेड़ी, टोपरी, शाहपुर और सीड़की में भी भवन तैयार हो चुके हैं। अभी छह स्थानों पर जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका है। डीएम की अध्यक्षता में राजस्व विभाग द्वारा जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई चल रही है।
उधर, विभाग के सहायक अभियंता विनोद सैनी ने बताया कि मार्च से अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण शुरू किया गया था। अब तक 18 भवन तैयार किए जा चुके हैं। बाकी का कार्य भी तेजी से किया जाना है। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि बरसात में कई राशन की दुकानों पर अनाज खराब होने की शिकायतें मिलती थीं। नए भवनों में राशन सुरक्षित रखा जा सकेगा। कोटेदार के बदलने की दशा में भी दुकान वही रहेंगी। साथ ही गोदाम से राशन उठाकर सीधे अन्नपूर्णा भवन स्थित सरकारी राशन की दुकान पर उतारा जाएगा। इससे भंडारण की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। वर्ष 2026-27 के लिए 92 अन्नपूर्णा भवन तैयार करने की कार्ययोजना है।