सहारनपुर। पूर्ति विभाग पात्रों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ दिलाने की कवायद में जुटा है। इसके तहत एक जून से 30 जून तक जनपद में राशन कार्ड धारकों की पात्रता का सत्यापन कार्य चल रहा है। लेकिन इसके लिए गठित 830 टीमों ने अभी तक पूर्ति विभाग को सत्यापन रिपोर्ट देना शुरू नहीं किया है। जिससे सत्यापन कार्य के पिछड़ने की आशंका बनी हुई है।
कोरोना काल से पूर्ति विभाग माह में दो बार खाद्यान्न वितरण कर रहा है। इनमें से एक बार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत और दूसरी बार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरण कराया जा रहा है। लेकिन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए कई अपात्र भी निशुल्क खाद्यान्न वितरण योजना का लाभ ले रहे हैं जबकि कई पात्र राशन कार्ड नहीं बनने की वजह से इस योजना के लाभ से वंचित हैं। इसे देखते हुए पूर्ति विभाग राशन कार्डों का सत्यापन करा रहा है। जिससे अपात्रों के निरस्त कर पात्र लोगों के राशन कार्ड बनवाए जा सके, लेकिन सत्यापन में लगी टीमों ने अभी तक भी सत्यापन की रिपोर्ट पूर्ति विभाग को सौंपना शुरू नहीं किया है। इससे सत्यापन कार्य के पिछड़ने की आशंका बन गई है।
जनपद में 5.84 लाख राशन कार्ड
पूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में 584410 राशन कार्ड हैं। इनमें से पात्र गृहस्थी योजना के 529792 राशन कार्ड और 54618 राशन कार्ड अंत्योदय योजना के हैं। इस सभी राशन कार्ड धारकों को जनपद की 1235 राशन की दुकानों के माध्यम से नियमित तौर पर महीने में दो बार खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है।
अपात्रों के होंगे निरस्त, पात्रों के बनेंगे राशन कार्ड
जनपद में राशन कार्ड सत्यापन में लगी 840 टीमों में से किसी ने भी अभी तक अपनी सत्यापन रिपोर्ट पूर्ति विभाग को नहीं सौंपी है। सत्यापन कार्य एक से 30 जून तक पूरा होना था। रिपोर्ट के आने पर ही अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त कर पात्रों के राशन कार्ड बनाए जाएंगे। कार्य की गति धीमी होने पर सत्यापन टीमों को रिमाइंडर भेजा जाएगा। - मनीष कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी